जोहार लाइव ब्यूरो
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी के खिलाफ रंका थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है. शिकायतकर्ता श्रवण कुमार सिंह ने विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोप सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
श्रवण कुमार सिंह ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 28 सितंबर 2026 को उन्होंने एक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित एक वीडियो देखा था. शिकायत के मुताबिक, इस वीडियो में गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
शिकायतकर्ता का कहना है कि वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित हुआ और बड़ी संख्या में लोगों ने इसे देखा. उन्होंने आरोप लगाया कि कथित टिप्पणी से उन्हें व्यक्तिगत रूप से ठेस पहुंची है और अनुसूचित जनजाति समुदाय की भावनाएं भी आहत हुई हैं.
आवेदन में यह भी कहा गया है कि कथित टिप्पणी ऐसे समय में की गई, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां अस्पताल में भर्ती थीं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही थी.
अनुसूचित जनजाति समुदाय के अपमान का आरोप
श्रवण कुमार सिंह ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि कथित बयान की प्रकृति और उसके प्रसार को देखते हुए यह मामला मानहानि, अपमान और अनुसूचित जनजाति समुदाय के प्रति अपमानजनक व्यवहार से जुड़ा हो सकता है.
उन्होंने भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी कानून और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित कानूनी कार्रवाई की जाए.
कौन हैं शिकायकर्ता
शिकायतकर्ता श्रवण कुमार सिंह जेएमएम के नेता हैं. फिलहाल गढ़वा जिला के युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी हैं. वो कहते हैं, सत्येंद्रनाथ तिवारी महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के लिए पूर्व से ही कुख्यात हैं.
वो आगे कहते हैं, अगर आप विधायक हैं तो नीति और नेता का विरोध करिये न, दिशोम गुरू की पत्नी को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना बीजेपी की मानसिकता को ही दर्शाता है. वो सवाल करते हैं, क्या बीजेपी में महिला नेत्री नहीं हैं. सत्येंद्रनाथ तिवारी क्या उनके लिए भी ऐसी ही सोच रखते हैं.
बीजेपी को अपने इस विधायक पर लगाम लगानी चाहिए और कार्रवाई करनी चाहिए.
इधर बीजेपी के नेताओं से जब सपर्क किया तो किसी ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया. नाम न छापने की शर्त एक प्रवक्ता ने कहा कि अंट-शंट बोलने से बचना चाहिए. किसी भी महिला के खिलाफ टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. अब जब वो बोले हैं, तो वही इसका जवाब दें. पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है.
Also Read : दिल्ली दंगों के दौरान हेट स्पीच फैलाने वाले नेताओं के खिलाफ नहीं होगी कार्रवाईः दिल्ली हाईकोर्ट

