किसलय शानू
रांची : 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, जांच एजेंसी की केस डायरी में दर्ज सामग्री के आधार पर आरोपों की परतें भी सामने आ रही हैं. पूरे जांच के दौरान जब सीआइडी ने रामबीर सिंह के पास से बरामद मोबाइल नंबर का सीडीआर हासिल कर इसका विशलेषण किया, तब पूरे मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.
सीआइडी ने जांच में पाया है कि रामबीर सिंह जेपीएससी परीक्षा के 36 अभ्यार्थियों के संपर्क में था. परीक्षा में शामिल 36 छात्रों से रामबीर की लगातार बातचीत होती थी. जांच एजेंसी इस संपर्क को कथित परीक्षा नेटवर्क से जोड़कर देख रही है. इसके अलावा सीडीआर से जांच में यह भी पता चला है कि रामबीर सिंह जेपीएससी की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के भी लगातार संपर्क में रहता था.
बैंक खातों में परिवार और जुड़े लोगों तक पैसे पहुंचने का दावा
सीआइडी ने जांच के दौरान परीक्षा रिकॉर्ड और फोन कॉल पर निर्भर रहने के बजाय वित्तीय लेन-देन को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है. सीआइडी ने जांच के दौरान TDPL के HDFC बैंक खाते का विवरण भी बैंक से हासिल किया है. यह खाता रामबीर सिंह और सत्यपाल सिंह के अधिकृत हस्ताक्षर वाले खातों में बताया गया है. सीआइडी ने जांच में पाया है कि रामबीर सिंह की पत्नी मीनू सिंह, सत्यपाल सिंह की पत्नी आरती सिंह और KSR Infotech समेत अन्य लोगों के साथ बड़े पैमाने पर लेन-देन मिला.
जांच एजेंसी का दावा है कि इन ट्रांजेक्शन से कथित अपराध से जुड़े पैसों के परिवार और संबंधित लोगों के खातों तक जाने के संकेत मिलते हैं.
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