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    Home»जोहार ब्रेकिंग»जमशेदपुर गोलीकांड: बाबूलाल मरांडी का हेमंत सोरेन सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था और पुलिस नियुक्तियों पर उठाए गंभीर सवाल
    जोहार ब्रेकिंग

    जमशेदपुर गोलीकांड: बाबूलाल मरांडी का हेमंत सोरेन सरकार पर हमला, कानून-व्यवस्था और पुलिस नियुक्तियों पर उठाए गंभीर सवाल

    Riya SinghBy Riya SinghSeptember 27, 2026No Comments3 Mins Read1
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    बाबूलाल मरांडी
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    जमशेदपुर के बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में चार लोगों के घायल होने के बाद, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने झारखंड की कानून-व्यवस्था और पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं. उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को घेरते हुए कहा कि इस घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कभी धनबाद जैसे इलाकों तक सीमित रहने वाले अपराध अब झारखंड के अन्य शहरों में भी तेजी से पैर पसार रहे हैं.

    डीजीपी और शीर्ष पुलिस नियुक्तियों पर सवाल

    बाबूलाल मरांडी ने डीजीपी पद पर नियुक्तियों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने नीरज सिन्हा के कार्यकाल से लेकर अनुराग गुप्ता और अन्य अधिकारियों की नियुक्तियों की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस नेतृत्व में योग्यता और नियमों के बजाय राजनीतिक नजदीकियों को प्राथमिकता दी जा रही है.

    मरांडी ने अतिरिक्त प्रभार और तैनाती को लेकर भी कई सवाल उठाए. उन्होंने मनोज कौशिक को रांची जोनल IG और मयूर पटेल को दुमका IG का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने पर सवाल उठाए तथा पंकज कंबोज और नरेंद्र कुमार सिंह समेत कई अन्य अधिकारियों को मिले अतिरिक्त प्रभार का आधार सार्वजनिक करने की मांग की. साथ ही, कुछ अधिकारियों के पुराने कार्यकालों के दौरान कोयला तस्करी और अवैध कमाई से जुड़ी शिकायतों की स्वतंत्र जांच की मांग भी उठाई.

    सीआईडी और अहम जांचों में नियुक्तियों का मुद्दा

    सीआईडी और अहम जांचों में नियुक्तियों का जिक्र करते हुए उन्होंने सीआईडी में तैनात अजय लिंडा और असीम विक्रांत मिंज जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए. उन्होंने जेपीएससी और जेएसएससी घोटालों समेत अन्य महत्वपूर्ण जांचों में अधिकारियों की नियुक्ति और उनकी जिम्मेदारियों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की. इसके अलावा, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे राकेश बंसल को लंबे समय तक नई पोस्टिंग न मिलने और सीबीआई का अनुभव रखने वाले माइकल राज की पुलिस, सीआईडी और एसीबी की जांचों में भूमिका पर भी सवाल उठाए.

    पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि गोलीबारी जैसी बड़ी घटनाओं के बाद केवल अधिकारियों को घटनास्थल पर भेज देना काफी नहीं है. सरकार को तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी करनी चाहिए, उन्हें संरक्षण देने वालों की जांच करवानी चाहिए और पुलिस विभाग में पोस्टिंग की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लानी चाहिए. मरांडी ने जोर देकर कहा कि पुलिस व्यवस्था में राजनीतिक वफादारी के बजाय योग्यता, ईमानदारी और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए. अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि हेमंत सोरेन सरकार और झारखंड पुलिस प्रशासन इन तीखे सवालों का क्या जवाब देता है.

    Also Read : छत्तीसगढ़: ग्रामसभा को ठेंगा दिखाकर खनन कराने की तैयारी में साय सरकार

    #Jharkhand News #Online news Cid Current News Johar Live Main News
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