आनंद दत्त /किसलय शानू
जेपीएससी के सदस्य डॉ. जमाल अहमद, जेपीएससी में परीक्षा के पद पद पदस्थापित रही श्वेता गुप्ता से नाराज रहते थे. इसलिए इनके द्वारा कई बार जेपीएससी के द्वारा आयोजित परीक्षा के रिजल्ट पर हस्ताक्षर नहीं किया जाता था. इस बात का खुलासा सीआइडी की जांच के दौरान टीडीपीएल कंपनी के निदेशक रामबीर सिंह ने पूछताछ में किया है.
रामबीर सिंह ने सीआइडी को बताया है कि हजारीबाग के अभ्यर्थियों के चयन में डॉ. जमाल अहमद की काफी पकड़ थी. हालांकि कोडिंग प्रणाली लागू होने की वजह से इनके कई अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पाया था. असली विवाद श्वेता कुमारी गुप्ता के ट्रांसफर के बाद शुरू हुआ. जेपीएससी के कुछ सदस्य विशेषकर जमाल अहमद इस बात से नाराज थे कि श्वेता गुप्ता ट्रांसफर के बाद भी आयोग में काम कर रही है. इस वजह से कई बार वह रिजल्ट पर हस्ताक्षर कर देने से मना कर देते थे.
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रामबीर ने कहा, श्वेता गुप्ता के पास पहले से थी जेपीएससी में धांधली की जानकारी
सीआइडी को केस के अनुसंधान के दौरान दिये गये रामबीर के बयान के अनुसार एसीएफ, एफआरओ का इंटरव्यू और 14वीं जेपीएससी परीक्षा का संचालन एवं निगरानी का आदेश जेपीएससी के अध्यक्ष के द्वारा ही दिया गया था. इस परीक्षा में मेरे द्वारा की जा रही धांधली की जानकारी श्वेता कुमारी गुप्ता के पास पहले से थी. श्वेता कुमारी गुप्ता के द्वारा एसीएफ एवं 14वीं जेपीएससी पीटी का उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के पूर्व ही व्हाट्सऐप के माध्यम से टीडीपीएल के कर्मचारी उस्मान एवं पीके सिंह के साथ शेयर किया गया था ताकि ओएमआर शीट तथा ओएसएम से मैनिपुलेशन किया जा सकें.
इन तथ्यों से समझे, क्यों थे जेपीएससी के चेयरमैन श्वेता कुमारी गुप्ता पर मेहरबान, अधिकारी चले जाते थे छुट्टी पर
सीआइडी की जांच के दौरान खुद श्वेता कुमरी गुप्ता सहित अन्य लोगों का बयान जो सीआइडी ने लिया है. उससे यह तथ्य है कि जेपीएससी के चेयरमैन के पद पर रहते एल ख्यांगते विशेष रूप से श्वेता कुमारी गुप्ता पर मेहरबान रहते थे. जब जेपीएससी के परीक्षा नियंत्रक असीम किस्पोट्टा एक सप्ताह की छुट्टी पर चले गए और लगातार अपनी छुट्टी बढ़ाने लगे तब एल ख्यांगते ने उनके रूटिंग कार्यों को करने का आदेश श्वेता कुमारी गुप्ता को दिया था. लेकिन जब असीम किस्पोट्टा का ट्रांसफर कार्मिक में वेटिंग फॉर पोस्टिंग हो गया, तब श्वेता कुमारी गुप्ता को परीक्षा नियंत्रक का दायित्व अध्यक्ष ने लिखित रूप से 8 जून 2025 को दिया. अध्यक्ष ने ही 11वीं से 13वीं जेपीएससी इंटरव्यू करने का जिम्मा दिया श्वेता को दिया था. जबकि पीटी और मेंस असीम किस्पोट्टा ने कराया था.
लेकिन इंटरव्यू के दौरान ही लोकेश मिश्रा की पोस्टिंग परीक्षा नियंत्रण के पद पर हो गई. लेकिन लोकेश मिश्रा योगदान देने के बाद तुरंत छुट्टी पर चले गए और अपनी छुट्टी बढ़ाने लगे जिसके कारण फिर से श्वेता कुमारी गुप्ता को अध्यक्ष ने परीक्षा नियंत्रक का कार्य सौंपा. लोकेश मिश्रा के वापस आने के बाद वह परीक्षा नियंत्रक का कार्य करने लगे, लेकिन इसके बावजूद अध्यक्ष ने श्वेता कुमारी गुप्ता को 11वीं से 13वीं जीपीएससी रिजल्ट देखने का दायित्व सौंपा और और दस्तावेज वेरिफिकेशन के लिए उपसचिव सरोजिनी तिर्की की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया.
इस दौरान लोकेश मिश्रा फिर से छुट्टी पर चले गए और इसी दौरान उनका ट्रांसफर कार्मिक विभाग में वेटिंग फॉर पोस्टिंग हो गया. इसके बाद अध्यक्ष ने फिर से श्वेता गुप्ता को ही परीक्षा नियंत्रण का कार्य सौंप दिया. इसके बाद 11वीं से 13वीं का जेपीएससी का रिजल्ट श्वेता और सुमंत तिर्की के देखरेख में प्रकाशित हुआ.

श्वेता गुप्ता के बयान के अनुसार में रिजल्ट प्रकाशित नहीं करना चाहती थी, क्योंकि मैं पीटी और मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं थी. लेकिन अध्यक्ष ने मुझसे कहा कि मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू का अंक जोड़कर रिजल्ट प्रकाशित कर दो. इसके बाद मेरे द्वारा रिजल्ट तैयार कर अध्यक्ष के सामने प्रस्तुत किया गया और जेपीएससी की तीनों सदस्य अजीत भट्टाचार्य एनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद को स्क्रूटनी के लिए. दस्तावेज का सत्यापन कर क्लीयरेंस के बाद रिजल्ट सेक्रेटरी के पास भेजा गया और अध्यक्ष के कहने पर रिजल्ट प्रकाशित किया.


