हॉकी जर्सी के मामले को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है. हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की अपने ही पहले दिए गए बयान से पलटते नजर आ रहे हैं. इससे पहले केसरिया जर्सी को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा था कि रंग बदलने का फैसला खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ की सलाह के बाद लिया गया था. उन्होंने यह भी कहा था कि इसका मुख्य कारण मैदान पर बेहतर विजिबिलिटी (दृश्यता) सुनिश्चित करना था.
दिलीप तिर्की ने यह भी कहा था कि 2014 FIH हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने पीले रंग की जर्सी पहनी थी, जबकि 2018 वर्ल्ड कप में टीम स्काई ब्लू रंग की जर्सी में उतरी थी.
रंग बदलने के फैसले पर मांगी सफाई
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने वरिष्ठ पदाधिकारियों और एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्यों को दो अलग-अलग ईमेल भेजकर जर्सी का रंग बदलने के फैसले पर सफाई मांगी है.
ईमेल में पूर्व कप्तान दिलीप तिर्की ने पूछा है कि यह फैसला एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सामने रखे बिना या उसकी जानकारी के बिना कैसे लागू कर दिया गया. उन्होंने अधिकारियों से यह भी पूछा कि इस फैसले को मंजूरी कैसे मिली.
हालांकि, दिलीप तिर्की ने कहा कि उन्हें केसरिया रंग चुने जाने से कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन उनका मानना है कि इतना अहम फैसला लागू करने से पहले नेतृत्व और एग्जीक्यूटिव बोर्ड के साथ चर्चा होनी चाहिए थी.
ओडिशा सरकार ने अध्यक्ष से मांगी सफाई
ओडिशा सरकार ने हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप तिर्की से भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग केसरिया किए जाने के मामले में सफाई मांगी है. इसी के बाद तिर्की ने संबंधित अधिकारियों से लिखित जानकारी मांगी. उन्होंने पूछा कि इस फैसले का आधार क्या था, इसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई और किन परिस्थितियों में बदलाव को मंजूरी देकर लागू किया गया.
दिलीप तिर्की ने इन बिंदुओं पर मांगी सफाई
• भारतीय राष्ट्रीय टीम की जर्सी का पारंपरिक रंग बदलने के पीछे क्या वजह और तर्क थे?
• किस अधिकार के तहत यह फैसला लिया गया?
• फैसला लेने की प्रक्रिया क्या थी और इसमें कौन-कौन से अधिकारी, समितियां या अन्य लोग शामिल थे?
• क्या इस फैसले से पहले अध्यक्ष, एग्जीक्यूटिव बोर्ड, मौजूदा खिलाड़ियों, कोचों, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों या अन्य संबंधित पक्षों से कोई सलाह-मशविरा किया गया था?
• सार्वजनिक घोषणा से पहले अध्यक्ष और एग्जीक्यूटिव बोर्ड को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई और उनसे सलाह क्यों नहीं ली गई?
बता दें कि बेल्जियम और नीदरलैंड में FIH हॉकी वर्ल्ड कप 15 अगस्त से 30 अगस्त के बीच आयोजित होना है.
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