Ranchi : झारखंड के करीब 45,000 आकलन-प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके भविष्य को लेकर एक सकारात्मक और भरोसेमंद पहल की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने झारखंड राज्य आकलन-प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
रिटायरमेंट तक नौकरी की सुरक्षा का भरोसा
शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पर हुई इस बैठक में सहायक अध्यापकों की सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार की ओर से मंत्रियों ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि राज्य सरकार शिक्षकों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे पूरी निश्चिंतता के साथ अपना कार्य जारी रखें। सरकार ने स्पष्ट किया कि रिटायरमेंट की आयु सीमा तक किसी भी सहायक अध्यापक की नौकरी पर आंच नहीं आएगी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगली बैठक
चूंकि यह मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्णय लिया है कि न्यायालय का फैसला आने के पांच दिनों के भीतर पुनः एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में आगे की रणनीति और समाधान पर चर्चा की जाएगी ताकि शिक्षकों के हितों की रक्षा हो सके।
अनुकंपा नियुक्ति का प्रस्ताव कैबिनेट में
बैठक में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अनुकंपा नियुक्ति के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। अब यह प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा, ताकि यदि सेवा अवधि के दौरान किसी शिक्षक का निधन होता है, तो उनके आश्रितों को नौकरी का लाभ मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बैठक के बाद कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार शिक्षकों की पीड़ा को समझती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। बैठक के बाद संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सकारात्मक रुख पर संतोष व्यक्त किया और मंत्रियों का आभार जताया।
Also Read : चाईबासा मुठभेड़ अपडेट : एक नक्सली ढेर, SLR राइफल बरामद


