Patna : पटना के आसपास प्रस्तावित पाटलिपुत्र सैटेलाइट टाउनशिप को लेकर सरकार ने बड़ी पहल की है। नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार ने इसके लिए जमीन चिन्हित कर अधिसूचना जारी कर दी है। ग्रीनफील्ड मॉडल पर बनने वाली इस टाउनशिप के लिए चयनित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। सरकार का उद्देश्य राजधानी के बढ़ते दबाव को कम करना और आधुनिक सुविधाओं से लैस नया शहरी क्षेत्र विकसित करना है। चिन्हित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रशासनिक इकाइयों और राजस्व गांवों की सूची भी जारी कर दी गई है।
800 से 1200 एकड़ में बसेंगे टाउनशिप, 11 शहरों में योजना
राज्य सरकार ने बिहार में कुल 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना शुरू कर दी है। प्रत्येक टाउनशिप 800 से 1200 एकड़ क्षेत्र में बसाई जाएगी। इन क्षेत्रों में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक जोन के साथ पार्क, सड़क, नाले और खुले मैदान जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
सरकार की तय गाइडलाइन के अनुसार, विकास कार्य चयनित एजेंसी द्वारा किया जाएगा। खास बात यह है कि कुल जमीन का 55 प्रतिशत हिस्सा मूल भूखंड मालिकों को वापस दिया जाएगा, जबकि अधिकतम 15 प्रतिशत हिस्सा एजेंसी को बिक्री के लिए मिलेगा।
जमीन मालिकों को मिलेगा हिस्सा, आपत्ति-सुझाव के बाद बनेगा फाइनल प्लान
टाउनशिप के लिए चिन्हित क्षेत्र का प्रारूप पहले सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद संबंधित एजेंसी जमीन मालिकों के साथ बैठक कर उनकी आपत्तियां और सुझाव लेगी। इन सुझावों के आधार पर संशोधित प्लान तैयार कर विभाग को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
विभाग के अनुसार, टाउनशिप का विकास एजेंसी अपने खर्च पर करेगी। हर योजना की वित्तीय स्थिति के अनुसार जमीन मालिकों को लौटाई जाने वाली भूमि तय होगी। फिलहाल चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगाकर सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।








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