Tinsukia (Assam) : असम में विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है। तिनसुकिया जिले के जगुन इलाके में असम-अरुणाचल सीमा के पास स्थित पुलिस कमांडो कैंप पर उल्फा (I) के उग्रवादियों ने हमला कर दिया। यह हमला शनिवार देर रात करीब 2 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि उग्रवादियों ने पुलिस कैंप को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड और आरपीजी जैसे भारी हथियारों का इस्तेमाल किया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जवानों ने दिया मुंहतोड़ जवाब
हमले के तुरंत बाद कैंप में मौजूद असम पुलिस के जवानों ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। दोनों तरफ से करीब 30 मिनट तक गोलीबारी होती रही। इस दौरान चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल जवानों की पहचान चित्तरंजन मिली, देबाशीष बोरा (जोरहाट), रवि गढ़ (चाबुआ) और जंबुश मारक (गोलपारा) के रूप में हुई है। ये सभी जगुन स्थित पुलिस कैंप में तैनात थे।
घायल जवान खतरे से बाहर
घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी जवानों की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
हमले के बाद सर्च ऑपरेशन तेज
हमले के बाद उग्रवादी जंगल की ओर भाग निकले। इसके बाद भारतीय सेना और असम पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है।
उल्फा (I) ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन उल्फा (I) ने ली है। संगठन ने मीडिया को भेजे एक पत्र में बताया कि इस हमले को उन्होंने ‘ऑपरेशन बुजोनी’ नाम दिया है।
चुनाव से पहले बढ़ी चिंता
इस घटना ने चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं और पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया जा रहा है।
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