Johar Live Desk : भारतीय शेयर बाजार का सप्ताह का आखिरी कारोबारी दिन निराशाजनक रहा। शुक्रवार को सुबह से ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले और निवेशकों का मनोबल गिर गया।
बाजार का ताजा हाल
सुबह 9:26 बजे तक, BSE सेंसेक्स 154 अंक या 0.19% गिरकर 82,343 पर आ गया। वहीं, NSE निफ्टी 31 अंक या 0.12% की गिरावट के साथ 25,423 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में यह दबाव मुख्य रूप से आईटी शेयरों में लगातार गिरावट के कारण है। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.07% टूटकर सबसे बड़ा नुकसान करने वाला सेक्टर रहा।
आईटी सेक्टर में गिरावट के कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितता और AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के बढ़ते प्रभाव से निवेशक आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अमेरिका के नैस्डैक में कमजोरी ने भी भारतीय आईटी कंपनियों जैसे TCS, इंफोसिस और HCL टेक के शेयरों को दबाव में ला दिया।
निवेशकों को भारी नुकसान
पिछले सत्र में ही निवेशकों की संपत्ति लगभग ₹6.79 लाख करोड़ कम हो गई। बैंकिंग, ऑटो और FMCG जैसे क्षेत्रों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 881 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 596 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।
वैश्विक और घरेलू कारण
- भू-राजनीतिक तनाव : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से निवेशकों में डर बढ़ा। कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता ने भी दबाव बढ़ाया।
- इंडिया VIX में उछाल : बाजार में डर को मापने वाला इंडेक्स 10% बढ़कर 13.46 पर पहुंच गया।
- एशियाई बाजारों का हाल : चीन के बाजार लूनर न्यू ईयर की वजह से बंद थे, लेकिन जापान का निक्केई 225 1.2% गिर गया, जिससे घरेलू बाजार पर भी असर पड़ा।
विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 25,300-25,400 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है। अगर यह टूटता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 61,000 का स्तर रोक (Resistance) बना हुआ है। फिलहाल बाजार ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है और किसी सकारात्मक खबर का इंतजार कर रहा है।
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