Jamshedpur : जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में डीसी कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में नार्कोटिक्स समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रशासनिक, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे। मुख्य रूप से NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा और जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और सेवन रोकने के लिए चल रहे अभियानों की स्थिति पर चर्चा की गई।
नार्कोटिक्स हेल्पलाइन और रिकॉर्डिंग पर कड़ा संदेश
डीसी ने टोल फ्री नंबर 112 पर आने वाले कॉल्स और नार्कोटिक्स शिकायत से जुड़े रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग के साथ समन्वय कर तकनीकी अड़चनों का समाधान करें और सभी रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किए जाएँ। इसके साथ ही पंजी का सही रखरखाव सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।
दवा दुकानों में विशेष निगरानी
DC ने यह भी कहा कि दवा दुकानों पर प्रतिबंधित दवाओं की सूची डिस्पले करने का आदेश पहले ही दिया गया था, लेकिन लगभग 600 दवा दुकानों में से केवल 100 ने इसे लगाया। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को अगले 1 सप्ताह में पूरी सूची डिस्पले करने का निर्देश दिया। साथ ही, डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवा बेचने पर निरंतर जांच की बात कही गई।
स्कूल और कॉलेज परिसरों में निगरानी
नशा रोकने के अभियान के तहत शैक्षणिक संस्थानों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। संस्थानों के निकास-प्रवेश द्वार और परिसर में CCTV लगाने तथा कम से कम 1 महीने का बैकअप सुरक्षित रखने के लिए कहा गया। इसके अलावा, 100 मीटर की परिधि में नशा सामग्री की बिक्री नहीं होने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
बच्चों और युवाओं में जागरूकता
DC ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान स्कूली बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए। ठेला-गुमटी में सिगरेट या अन्य नशापान की वस्तुओं की बिक्री को रोकने के प्रयास किए जाएँ। उन्होंने कहा कि नशा कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और युवाओं को इसके नुकसान के प्रति लगातार जागरूक किया जाए।
नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्रों की समीक्षा
बैठक में नशा सेवन के शिकार लोगों के लिए संचालित नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्रों की समीक्षा भी की गई। भर्ती लोगों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य नियमित रूप से जांचा जाए। काउंसलिंग और यथासंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
पुलिस और प्रशासन में समन्वय
DC ने थाना प्रभारियों को इंटेलिजेंस मजबूत करने और नशा कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस, उत्पाद, ड्रग्स इंस्पेक्टर और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय और जन-जागरूकता कार्यक्रमों पर जोर दिया गया। सभी नागरिकों से अपील की गई कि ड्रग्स के अवैध व्यापार, सेवन और परिवहन की सूचना टोल फ्री नंबर 112 और पुलिस कंट्रोल रूम 0657-2431028 पर दें।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में DC कर्ण सत्यार्थी के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिनमें एसपी ग्रामीण ऋषभ गर्ग, रेल एसपी अजीत कुमार, एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा, एसडीओ घाटशिला सुनील चंद्र, डीटीओ धनंजय, एडीएम एसओआर राहूल जी आनंद और डीएसपी समेत अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी शामिल थे। सभी अधिकारियों ने मिलकर जिले में नशा मुक्त वातावरण बनाने के लिए रणनीति तैयार की और विभागों के बीच समन्वय को और मजबूत करने, नशा रोकने वाले अभियानों को प्रभावी बनाने तथा युवाओं और आम लोगों में जागरूकता फैलाने पर चर्चा की।
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