Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य में बढ़ते हाथी हमलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने साफ कहा कि हाथियों के हमले से एक भी इंसान की जान नहीं जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में लगातार हाथियों के कारण जान-माल का नुकसान हो रहा है, वहां तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं और लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
कई जिलों में 27 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने जताई चिंता
बैठक में जानकारी दी गई कि रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा, गुमला और दुमका सहित कई जिलों में पिछले कुछ महीनों में हाथी हमलों से करीब 27 लोगों की मौत हुई है। इसे गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। हजारीबाग क्षेत्र में पांच हाथियों का एक आक्रामक झुंड सक्रिय होने की जानकारी भी दी गई। इसे नियंत्रित करने के लिए 70 सदस्यीय टीम तैनात की गई है और विभाग अलर्ट मोड में काम कर रहा है।
गांवों में बनेगी एलीफेंट रेस्क्यू टीम
सीएम हेमंत सोरेन ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में हाथियों का खतरा ज्यादा है, वहां ग्रामीणों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर एलीफेंट रेस्क्यू टीम तैयार की जाए। ग्रामीणों को मशाल जलाने के लिए डीजल, किरासन तेल, पुराने टायर, टॉर्च और सोलर सायरन जैसी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे सुरक्षित तरीके से हाथियों को गांव से दूर भगा सकें। वन विभाग ने बताया कि जल्द ही छह कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं, जिससे ट्रैकिंग और रेस्क्यू कार्य में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों की भी सहायता ली जाएगी।
12 दिनों के भीतर मुआवजा देने का आदेश
सीएम हेमंत सोरेन ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी व्यक्ति की मौत होने पर 12 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को पूरा मुआवजा मिलना चाहिए। मुआवजा देने में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा कंपनसेशन नियमों की समीक्षा कर जरूरत हो तो संशोधन किया जाए, ताकि राहत राशि जल्दी और पारदर्शी तरीके से मिल सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हाथी हमलों में केवल जान का ही नहीं, बल्कि फसल और पशुधन का भी नुकसान होता है। ऐसे मामलों में भी त्वरित सहायता दी जाए।
पांच साल का डेटा और कॉरिडोर मैपिंग के निर्देश
सीएम हेमंत सोरेन ने पिछले पांच वर्षों में हुए हाथी हमलों, मौतों और दिए गए मुआवजे का पूरा डेटा पेश करने को कहा है। साथ ही राज्य के सभी एलीफेंट कॉरिडोर की मैपिंग कराने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने दोहराया कि मानव और हाथी के बीच बढ़ते संघर्ष को गंभीरता से लेने की जरूरत है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी, पीसीसीएफ (हॉफ) संजीव कुमार, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) रवि रंजन, सीसीएफ (वाइल्डलाइफ) एस.आर. नाटेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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