Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन से वरिष्ठ वैज्ञानिक जीभीके सुब्रमण्यम ने शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में गुरुवार को हुई। मुलाकात के दौरान उन्होंने अपनी स्वनिर्मित अत्याधुनिक कैंसर उपचार मशीन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सुब्रमण्यम ने बताया कि यह मशीन पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार की गई है और देश-विदेश के कई बड़े अस्पतालों में इसका उपयोग हो रहा है। उनका कहना है कि कैंसर जैसे गंभीर रोग के इलाज में यह मशीन काफी कारगर साबित हो रही है और मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
“कैंसर मरीजों के लिए वरदान जैसी तकनीक”
सीएम हेमंत सोरेन ने इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिक जीभीके सुब्रमण्यम की सराहना की। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए इस तरह की मशीन किसी वरदान से कम नहीं है। अगर ऐसी तकनीक राज्य में उपलब्ध हो जाए तो मरीजों को बाहर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीएम हेमंत ने साफ कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। अस्पतालों में जांच और इलाज की आधुनिक सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

राज्य में ही मिले अत्याधुनिक इलाज की सुविधा
सीएम हेमंत ने कहा कि कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ना चिंता की बात है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि झारखंड के मरीजों को अपने ही राज्य में बेहतर और आधुनिक इलाज मिल सके। इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि अगर यह तकनीक राज्य के लिए उपयोगी साबित होती है तो इसे यहां लागू करने की दिशा में भी पहल की जा सकती है।
कलाम के सहयोगी रहे हैं सुब्रमण्यम
मालूम हो कि जीभीके सुब्रमण्यम पनाशिया लिमिटेड, बेंगलुरु के प्रबंध निदेशक हैं। वे भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ भी काम कर चुके हैं और कई शोध परियोजनाओं में उनके सहयोगी रहे हैं। उनकी बनाई कैंसर उपचार मशीन आज देश ही नहीं, विदेशों के भी कई बड़े अस्पतालों में इस्तेमाल की जा रही है। इस मुलाकात के दौरान विधायक राजेश कच्छप भी मौजूद थे। यह बैठक इस बात का संकेत है कि झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई तकनीक से जोड़ने की दिशा में सरकार गंभीरता से आगे बढ़ रही है।

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