Ranchi : झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन किया और इसे डिजिटल युग में विधानसभा को आधुनिक, पारदर्शी और पूरी तरह पेपरलेस बनाने की ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था से केंद्र और राज्यों की विधानसभाओं में कार्य प्रक्रियाओं में एकरूपता आएगी और विधायी कामकाज और भी प्रभावी व पारदर्शी होंगे।
शून्यकाल की सूचनाएं अब डिजिटल
अध्यक्ष महतो ने बताया कि वर्तमान सत्र से झारखंड विधानसभा में शून्यकाल की सूचनाएं नेवा के माध्यम से स्वीकार की जाएंगी, और अगले सत्र से सदन की पूरी कार्यवाही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित करने की तैयारी है। बजट सत्र के दौरान सदस्य शून्यकाल की सूचनाएं सुबह 7 बजे से 10 बजे तक ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। प्रत्येक सूचना की 50 शब्दों की सीमा होगी, और पहले प्राप्त होने वाली 25 सूचनाओं को उसी दिन के सत्र में शामिल किया जाएगा। अध्यक्ष ने कहा कि इससे विधायकों को देर रात या सुबह विधानसभा पहुंचकर सूचना देने की आवश्यकता नहीं रहेगी, और वे अपने क्षेत्र से ही ऑनलाइन प्रश्न और सूचनाएं प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और जनहित के मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।
वन नेशन–वन एप्लीकेशन की पहल
अध्यक्ष महतो ने बताया कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य संसद और सभी राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं को कागजरहित बनाना है। यह परियोजना डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत “वन नेशन–वन एप्लीकेशन” की अवधारणा पर आधारित है। वर्ष 2019-20 में केंद्र और राज्यों के बीच इसके लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। परियोजना की कुल लागत का 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन कर रही है, और इसका तकनीकी विकास राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा किया गया है।
विधायकों को मिलेगी बड़ी सुविधा
नेवा के जरिए विधायक अब आसानी से तारांकित, अतारांकित और अल्पसूचित प्रश्न, शून्यकाल की सूचनाएं, निवेदन और गैर-सरकारी विधेयक ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे। सभी प्रश्नों के उत्तर डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे और उनकी स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी। साथ ही, दैनिक कार्यसूची, प्रश्न सूची, बुलेटिन, विधेयक और समिति प्रतिवेदन जैसे दस्तावेज डिजिटल माध्यम से वितरित होंगे। इससे प्रक्रिया तेज, आसान और पारदर्शी होगी।
नागरिकों के लिए भी होगी सुविधा
अध्यक्ष महतो ने कहा कि नेवा के लागू होने से कागज की भारी बचत, मुद्रण लागत में कमी, पर्यावरण संरक्षण में बढ़ावा और विधायी कार्यों का सुरक्षित डिजिटल अभिलेखीकरण संभव होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले चरण में सदन की कार्यवाही और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक पोर्टल पर नागरिकों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आम लोग भी डिजिटल रूप में विधानसभा की गतिविधियों को आसानी से देख और ट्रैक कर सकेंगे।
प्रशिक्षण और विधायकों की भागीदारी
नेवा प्रणाली की कार्यप्रणाली और लाभों से विधायकों को अवगत कराने के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें 44 विधायक उपस्थित रहे। नेता प्रतिपक्ष रांची से बाहर होने के कारण शामिल नहीं हो सके। अध्यक्ष ने कहा कि पेपरलेस व्यवस्था से जुड़े सभी शंकाओं को ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दूर किया गया और विधायकों को नई प्रणाली की बारीकियों से पूरी तरह परिचित कराया गया।
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