Ranchi : राजधानी रांची के पुलिस मुख्यालय में बुधवार को एक अहम बैठक हुई। यह बैठक DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस 2025 के बाद राज्य स्तर पर की गई समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। इसकी संयुक्त अध्यक्षता गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल और झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने की।
थाना स्तर तक दिखे असर
बैठक में साफ कहा गया कि कॉन्फ्रेंस के सभी निर्देशों का पालन थाना स्तर तक होना चाहिए। हर जिले के एसपी को जिम्मेदारी दी गई कि नए आपराधिक कानून यानी न्याय संहिता का पूरी तरह पालन हो।
बीट पुलिसिंग और सामुदायिक पुलिसिंग को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि गांव, मोहल्लों और शहरी इलाकों में पुलिस की मौजूदगी और संवाद बढ़ाया जाए, ताकि लोगों का भरोसा मजबूत हो।
सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, सजा तक पहुंचे केस
वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ कहा कि सिर्फ गिरफ्तारी कर लेना ही पुलिसिंग नहीं है। असली काम तब पूरा होता है जब अदालत में दोषसिद्धि हो।
इसी को ध्यान में रखते हुए जांच की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया। NATGRID, NAFIS, CCTNS, ई-कोर्ट और एआई आधारित तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ई-साक्ष्य ऐप का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
नक्सल इलाकों में युवाओं पर फोकस
नक्सल प्रभावित जिलों को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को कहा गया कि सिर्फ सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि युवाओं को खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर भी ध्यान दें। उग्रवादियों के आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति की भी समीक्षा की गई और इसे प्रभावी तरीके से लागू करने को कहा गया।
ड्रग्स और साइबर अपराध पर सख्ती
बैठक में मादक पदार्थों के नेटवर्क, साइबर ठगी और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर चिंता जताई गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लोगों को इन खतरों के बारे में जागरूक करने के लिए अभियान चलाएं। अफीम की खेती रोकने के लिए एंटी-ड्रग रणनीति तैयार करने और गांव-गांव तक जागरूकता फैलाने की बात कही गई।
महिला सुरक्षा और संवेदनशील मामलों पर नजर
पोक्सो एक्ट और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साफ संदेश था कि ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशिक्षण और टेक्नोलॉजी पर जोर
आई-गॉट पोर्टल के जरिए पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा की गई। सभी अनुसंधानकर्ताओं को जरूरी प्रशिक्षण पूरा करने का निर्देश दिया गया। टूरिस्ट पॉलिसी के तहत पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की बात कही गई।
बैठक में एडीजी अभियान टी. कंदसामी, आईजी मानवाधिकार क्रांति कुमार गड़िदेशी, झारखंड पुलिस अकादमी के निदेशक अखिलेश कुमार झा, विशेष शाखा, एसटीएफ, प्रशिक्षण, कार्मिक और बजट सहित विभिन्न इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी प्रक्षेत्रीय आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जुड़े।
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