Ranchi : झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) संजीव कुमार ने राज्य की वन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सभी वन अधिकारियों को तेज गति से कार्य करने का निर्देश दिया है। उन्होंने इस संबंध में राज्य के सभी प्रधान मुख्य वन संरक्षक, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, वन संरक्षक और वन प्रमंडल पदाधिकारियों को पत्र जारी किया है।
पत्र में पीसीसीएफ ने निर्देश दिया है कि राज्य के सभी वन पदाधिकारी आगामी 10 वर्षों का विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर एक माह के भीतर विभाग को उपलब्ध कराएं। साथ ही केंद्र एवं राज्य प्रायोजित सभी विभागीय योजनाओं का समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभागीय फोकस ग्रुप को भी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है।
न्यायालय में लंबित मामलों को लेकर पीसीसीएफ ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने लंबित वादों के शीघ्र निष्पादन के लिए समयबद्ध कार्रवाई और उनकी नियमित निगरानी का निर्देश दिया है। इसके अलावा सेवांत लाभ से जुड़े मामलों में एसीपी, एमएसीपी, प्रोन्नति, भर्ती नियमावली निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने को कहा गया है।
वन अधिकारियों को अपने कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए डायरी निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि कार्य संवेदनशीलता और प्राथमिकता के अनुसार किए जा सकें। वन एवं वन्य प्राणी सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वन्य प्राणी से प्रभावित मामलों में मुआवजे का भुगतान शीघ्र करने पर विशेष जोर दिया गया है।
इसके साथ ही वन अपराध, अवैध खनन, अवैध कटाई पर प्रभावी रोक लगाने और वन क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। पीसीसीएफ संजीव कुमार ने कहा कि इन कदमों से राज्य में वन संरक्षण मजबूत होगा और विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार आएगा।
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