Ranchi : केंद्रीय विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) द्वारा जारी किए गए नए नियमों के विरोध में मंगलवार को हिंदू छात्र संघ ने DSPMU के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इस नियम के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और समान अवसर को बढ़ावा देने के लिए देशभर के कॉलेज और यूनिवर्सिटी में Equity Committees और Equity Squads गठित किए जाएंगे।
नियमों का उद्देश्य और विरोध
UGC ने नए नियमों के माध्यम से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ी जातियों के छात्रों को संस्थानों में सुरक्षित वातावरण देने का उद्देश्य रखा है। वहीं, विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि इस नियम से सवर्ण छात्रों को सीधे टारगेट किया जा सकता है और भेदभाव की स्थिति और बढ़ सकती है।
नए नियमों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- हर यूनिवर्सिटी/कॉलेज में Equity Committees और Equity Squads का गठन।
- हर संस्थान में Equal Opportunity Centre स्थापित किया जाएगा, जहां छात्र शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
- नियमों का पालन अनिवार्य होगा; उल्लंघन करने पर संस्थान की मान्यता रद्द की जा सकती है या फंड रोका जा सकता है।
- विरोधियों का कहना है कि Equity Squads को अत्यधिक अधिकार दिए गए हैं, और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया में सवर्ण छात्रों का करियर प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन और सरकार की प्रतिक्रिया
विरोध प्रदर्शन के बीच, यूपी सरकार में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया और बाद में उन्हें निलंबित कर दिया गया। वहीं, कवि कुमार विश्वास ने भी सोशल मीडिया पर नए नियमों के विरोध में पोस्ट किया। UGC ने अपने बयान में कहा कि नए नियम को लागू करना आवश्यक था। पिछले कुछ सालों में पिछड़ी जातियों के खिलाफ संस्थानों में कई मामले सामने आए हैं। UGC का कहना है कि यह नियम समान अवसर और सभी वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
“चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा,
राई लो या पहाड़ लो राजा,
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा,
रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।”😢🙏
(स्व० रमेश रंजन) #UGC_RollBack pic.twitter.com/VmsZ2xPiOL— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) January 27, 2026
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