Johar Live Desk : माघ मास की अमावस्या, यानी मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के संगम तट पर रविवार 18 जनवरी को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान करना शुरू किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद संगम की रेती पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शनिवार से ही घाटों पर भारी भीड़ देखी जा रही थी, जो लगातार बढ़ती जा रही है।
तीन से चार करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
मेला प्रशासन के अनुसार मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व पर 3 से 4 करोड़ श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने की संभावना है। प्रयागराज डिवीजन की डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने बताया कि अब तक करीब 50 लाख श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं और आगमन का सिलसिला लगातार जारी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया है। संगम और मेला क्षेत्र में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, जल पुलिस और गोताखोर तैनात हैं। इसके अलावा एटीएस कमांडो और खुफिया एजेंसियां भी मुस्तैद हैं। संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर पैनी नजर रखी जा रही है। भीड़ की निगरानी के लिए एआई-सक्षम कैमरे और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
सुविधाओं और व्यवस्था का ध्यान
माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि मौनी अमावस्या स्नान के लिए 3.5 किलोमीटर तक घाट तैयार किए गए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी घाट पर ही स्नान करें। मेला क्षेत्र को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जहां पर्याप्त चेंजिंग रूम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के जरिए निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात प्रबंधन योजना प्रभावी ढंग से लागू की गई है। मेला क्षेत्र में 42 अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं, जिनमें एक लाख से अधिक वाहनों की क्षमता है। सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
800 हेक्टेयर में फैला माघ मेला, 25 हजार शौचालय
डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला लगभग 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। यहां 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3,500 से ज्यादा सफाईकर्मी तैनात हैं। कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए टेंट सिटी भी बनाई गई है, जहां योग और ध्यान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। माघ मेला 2025-26 के दौरान कुल 12,100 फुट लंबे घाट बनाए गए हैं, जिन पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पहले ही दिन करोड़ों ने लगाई आस्था की डुबकी
मौनी अमावस्या से एक दिन पहले शनिवार शाम तक करीब 1.5 करोड़ श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान कर चुके थे। इससे पहले मकर संक्रांति पर 1.03 करोड़ और एकादशी के दिन लगभग 85 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया था। प्रशासन के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन यह संख्या और बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन का दावा
एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि मौनी अमावस्या स्नान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर रखी हैं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से आस्था के इस महापर्व का आनंद ले सकें।
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