Ranchi : झारखंड सरकार किशोरियों और महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना शुरू की। इस योजना के तहत स्कूल में पढ़ रही पात्र किशोरियों को कक्षा आठवीं से बारहवीं तक कुल 40 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसका उद्देश्य केवल शिक्षा बढ़ाना नहीं है, बल्कि बाल विवाह, बाल श्रम और लैंगिक असमानता जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकना और किशोरियों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सम्मानपूर्ण जीवन की ओर अग्रसर करना भी है।
समाचारों के अनुसार, योजना से अब तक करोड़ों रुपये की राशि लाखों बालिकाओं के बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 7,28,332 बालिकाओं को 344.80 करोड़ रुपये, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 7,18,272 बालिकाओं को 365.98 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 7,38,687 बालिकाओं को 368.71 करोड़ रुपये वितरित किए गए। इस वर्ष आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए आवेदन सीधे स्कूलों के माध्यम से योजना के आधिकारिक पोर्टल पर किए जा रहे हैं। इससे चयन, दस्तावेज सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 5,92,308 बालिकाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से 1,97,006 बालिकाओं को 71.76 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष लाभार्थियों का भुगतान प्रक्रिया में है। इस वर्ष कुल 270 करोड़ रुपये व्यय करने का लक्ष्य रखा गया है। अबुआ सरकार की यह योजना झारखंड की बेटियों के लिए न केवल आर्थिक सहयोग है, बल्कि उनके सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम भी है। आठवीं से बारहवीं कक्षा में पढ़ रही सभी पात्र बालिकाओं से अपील की गई है कि वे अपने विद्यालय के माध्यम से शीघ्र आवेदन करें और इस योजना का लाभ उठाकर शिक्षा और सशक्तिकरण की नई उड़ान भरें।
अधिक जानकारी या आवेदन संबंधी सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक/BEEO या प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।


