Ranchi : भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पर जी राम जी योजना को लेकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांव, गरीब और किसान विरोधी पार्टी है। जब भ्रष्टाचार और लूट पर रोक लगती है, तब कांग्रेस को परेशानी होती है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जी राम जी योजना के समर्थन में अभियान चलाएंगे। कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर इस नई योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे और कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम का जवाब देंगे। उन्होंने बताया कि 8 से 10 जनवरी तक सभी मंडलों में भाजपा कार्यकर्ता योजना की विशेषताएं जनता को समझाएंगे। आदित्य साहू ने कहा कि मनरेगा में लंबे समय से फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार चल रहा था। कई बार सुधार के प्रयास हुए, लेकिन स्थिति नहीं बदली। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जी राम जी योजना लागू करने का फैसला लिया। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण भारत को मजबूत करना और गांवों को मुख्यधारा से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र बन गया था। झारखंड में कई जिलों में घोटाले सामने आए। खूंटी जिले में 24 करोड़ रुपये के गबन मामले में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को जेल जाना पड़ा, यह इसका बड़ा उदाहरण है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में मनरेगा में 193.67 करोड़ रुपये के गबन के मामले दर्ज किए गए। वहीं 2025-26 में 23 राज्यों में कागजों पर ऐसे काम दिखाए गए, जो जमीन पर मौजूद ही नहीं थे। सांसद ने कहा कि कई जगह श्रम आधारित कार्यों में मशीनों का इस्तेमाल हुआ। कोरोना महामारी के बाद सिर्फ 7.61 प्रतिशत परिवार ही 100 दिन का रोजगार पूरा कर पाए। सरकार के प्रयासों से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी और सक्रिय श्रमिकों की संख्या 12.11 करोड़ तक पहुंची, लेकिन 99 प्रतिशत ई-भुगतान के बावजूद कई जगह काम जमीन पर नहीं उतरा।
उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से नए अधिनियम की जरूरत पड़ी। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) मनरेगा का विकसित और बेहतर रूप है। इस योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब 100 की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा। कृषि कार्य के समय को ध्यान में रखते हुए साल में 60 दिन नो वर्क अवधि रखी गई है, ताकि मजदूर खेती में काम कर सकें और किसानों को समय पर मजदूर मिल सकें। उन्होंने बताया कि बाकी 300 दिनों में से 125 दिन काम की गारंटी दी गई है। अगर काम नहीं मिलता है तो बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। इस योजना में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 60:40 होगी।
आदित्य साहू ने कहा कि मजदूरों को ज्यादा दिन काम और बेरोजगारी भत्ता मिलने से कांग्रेस को परेशानी हो रही है। योजना के नाम में राम शब्द होने से भी कांग्रेस असहज है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी अपनी पुरानी सोच से बाहर नहीं निकल पा रही है और तुष्टीकरण की राजनीति में डूबी हुई है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस के इस विरोध का मुंहतोड़ जवाब देगी और आने वाले समय में भी कांग्रेस सत्ता से बाहर रहेगी। प्रेस वार्ता में भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा और रमाकांत महतो भी मौजूद थे।
Also Read : झारखंड में बेटियों की पढ़ाई को मजबूती, सावित्रीबाई फुले योजना बनी सहारा


