Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    26 Apr, 2026 ♦ 1:20 PM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»धर्म/ज्योतिष»बसंत पंचमी : माता सरस्वती और भगवान विष्णु के बीच अद्भुत युद्ध की दंत कथा
    धर्म/ज्योतिष

    बसंत पंचमी : माता सरस्वती और भगवान विष्णु के बीच अद्भुत युद्ध की दंत कथा

    Team JoharBy Team JoharFebruary 3, 2025Updated:February 3, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    सरस्वती
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Johar Live Desk : हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का विशेष महत्व है, जो हर साल माघ माह की शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है. इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है, जो ज्ञान, कला और संगीत की देवी मानी जाती हैं. इस दिन को ऋषि पंचमी भी कहा जाता है और इस दिन को लेकर विभिन्न पौराणिक कथाएँ प्रचलित हैं.

    सत्यार्थ नायक की किताब महागाथा में एक दिलचस्प कथा साझा की गई है, जो माता सरस्वती और भगवान विष्णु के बीच एक अद्भुत युद्ध की ओर इशारा करती है. कथानुसार, एक बार माता सरस्वती ने ब्रह्मा जी से यह प्रश्न किया था कि उनके, मां लक्ष्मी और माता पार्वती में से कौन सबसे ज्यादा शक्तिशाली और महत्वपूर्ण हैं. ब्रह्मा जी ने यह उत्तर दिया कि इन तीनों की अपनी-अपनी भूमिका और ताकत है, और इनकी कोई तुलना नहीं की जा सकती.

    लेकिन जब ब्रह्मा जी ने खुद कहा कि अगर उन्हें किसी को चुनना पड़े, तो वह माता लक्ष्मी को चुनेंगे, तो माता सरस्वती को गहरी चोट पहुंची. उन्होंने देवताओं को त्याग दिया और एक यज्ञ को नष्ट करने के लिए प्रकट हो गईं. माता सरस्वती का गुस्सा इतना प्रचंड था कि उन्होंने अपनी वीणा को अस्त्र में बदल दिया और वह भयंकर रूप में प्रकट हुईं.

    माता सरस्वती और भगवान विष्णु के बीच घमासान युद्ध हुआ. भगवान विष्णु ने माता सरस्वती के द्वारा उत्पन्न शक्तियों का सामना किया और अंततः उन्हें शांत किया. विष्णु जी ने अपने अद्भुत शक्ति से माता सरस्वती की शक्ति को नियंत्रित किया और उनके क्रोध को शांत किया.

    यह कथा हमें यह संदेश देती है कि देवताओं के बीच के द्वंद्व भी ब्रह्मांड के संतुलन और उसके संचालन के लिए आवश्यक होते हैं. इस तरह की घटनाएं हमें यह समझने में मदद करती हैं कि शक्ति का वास्तविक रूप संतुलन और समझ में है, न कि केवल प्रतिस्पर्धा और क्रोध में. बसंत पंचमी के इस दिन हम माता सरस्वती से ज्ञान और समझ की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करते हैं और उनकी अनंत शक्ति को नमन करते हैं.

    ALSO READ : बसंत पंचमी पर झारखंड में गर्मी का अहसास बढ़ा… जानें अगले पांच दिन का हाल

    ALSO READ : IND vs ENG : भारत ने इंग्लैंड को 150 रनों से हराया, अभिषेक शर्मा का दिखा ऑलराउंड प्रदर्शन

    Art Balance Basant Panchami battle Brahma Ji Deity Goddess Lakshmi Goddess Parvati Goddess Saraswati Gods Hinduism Indian Culture knowledge Lord Vishnu Mahagatha music mythological story power Religion religious rituals Religious Story Rishi Panchami Satyarth Nayak Scriptures Tantra Universe Vedic worship Yajna ऋषि पंचमी कला ज्ञान तंत्र देवता देवी देवी सरस्वती धर्म धर्मशास्त्र धार्मिक अनुष्ठान धार्मिक कथा पूजा पौराणिक कथा बसंत पंचमी ब्रह्मा जी ब्रह्मांड भगवान विष्णु भारतीय संस्कृति महागाथा माता पार्वती माता लक्ष्मी माता सरस्वती यज्ञ युद्ध विष्णु जी वैदिक शक्ति संगीत संतुलन सत्यार्थ नायक हिंदू धर्म
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous ArticleIND vs ENG : भारत ने इंग्लैंड को 150 रनों से हराया, अभिषेक शर्मा का दिखा ऑलराउंड प्रदर्शन
    Next Article महाकुंभ में बसंत पंचमी पर अंतिम अमृत स्नान जारी, श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

    Related Posts

    ट्रेंडिंग

    अक्षय तृतीया: इन वस्तुओं का दान करने से खुलेंगे सुख-समृद्धि के द्वार

    April 19, 2026
    झारखंड

    पाकुड़ में हनुमान जयंती की धूम, भव्य शोभायात्रा और अखंड रामचरितमानस पाठ शुरू

    April 2, 2026
    ट्रेंडिंग

    चैती छठ का आज तीसरा दिन, संध्या अर्घ्य पर बना दुर्लभ संयोग, घाटों पर उमड़ेगी आस्था

    March 24, 2026
    Latest Posts

    रांची डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बीके राय का निधन, वकीलों में शोक की लहर

    April 26, 2026

    बोकारो-हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले के बाद गढ़वा में अलर्ट, वेतन भुगतान पर DC ने कसा शिकंजा

    April 26, 2026

    दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस फ्लाइट के इंजन में लगी आग, टेकऑफ से पहले टला बड़ा हादसा

    April 26, 2026

    JDU ऑफिस पहुंचे नीतीश कुमार, भामाशाह जयंती कार्यक्रम में शामिल होकर नेताओं से की मुलाकात

    April 26, 2026

    जल जीवन मिशन के पानी से खेतों की सिंचाई की तो होगी सजा, गढ़वा DDC ने दिए कड़े निर्देश

    April 26, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.