Joharlive Desk : हिंदू धर्म का बेहद खास पर्व अक्षय तृतीया इस साल रविवार को पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन लोग पूजा-पाठ, दान और नए काम की शुरुआत बड़े उत्साह के साथ करते हैं।
क्यों कहा जाता है ‘अक्षय’ तृतीया?
मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ काम कभी खत्म नहीं होता, उसका फल हमेशा बना रहता है। इसी वजह से इसे बहुत ही शुभ दिन माना जाता है और लोग बिना मुहूर्त देखे भी शादी, खरीदारी और गृह प्रवेश जैसे काम कर लेते हैं।
भगवान विष्णु से जुड़ा खास महत्व
ज्योतिषाचार्य डॉ. संजय सिंह बताते हैं कि इस दिन भगवान विष्णु के कई अवतारों का संबंध माना जाता है, जैसे नर-नारायण, परशुराम और हयग्रीव। इसलिए इस दिन का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
सुबह से मंदिरों में भीड़
इस दिन सुबह से ही मंदिरों में भीड़ लग जाती है। लोग स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और दान-पुण्य करते हैं। पूरा माहौल भक्ति में डूबा रहता है।
दान का है खास महत्व
अक्षय तृतीया पर दान करना बहुत शुभ माना जाता है। खासकर तिल, जौ, चावल और मिट्टी के घड़े का दान करने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। लोग अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को दान देते हैं।
शादी और नए काम की भी धूम
इस दिन देश के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में शादियां होती हैं। साथ ही लोग घर, जमीन, गाड़ी जैसी चीजों की खरीदारी भी इसी दिन करना पसंद करते हैं क्योंकि इसे बेहद शुभ माना जाता है।
पौराणिक मान्यताएं भी जुड़ी हैं
कहते हैं कि इसी दिन सतयुग और त्रेतायुग की शुरुआत हुई थी। भगवान कृष्ण ने भी युधिष्ठिर को बताया था कि इस दिन किया गया हर अच्छा काम अनंत फल देता है।
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