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    Home»जोहार ब्रेकिंग»केंद्रीय गृह मंत्री ने झारखंड में ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस को दिए 15 बिंदु
    जोहार ब्रेकिंग

    केंद्रीय गृह मंत्री ने झारखंड में ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस को दिए 15 बिंदु

    joharlive NetworkBy joharlive NetworkJune 25, 2026No Comments5 Mins Read
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    गृह मंत्री
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    किसलय शानू

    Ranchi : गृह मंत्री अमित शाह ने देश के अन्य राज्यों सहित झारखंड पुलिस को ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 15 बिंदु पर टास्क दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में 9 जनवरी 2026 को दिल्ली में 9वीं एपेक्स लेवल NCORD समिति की बैठक हुई थी. इस बैठक में गृह मंत्री द्वारा ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए मार्च 2029 तक रोडमैप तैयार करने का निर्णय लिया गया था. इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री के द्वारा 15 बिंदु पर रोडमैप तैयार करने का टास्क दिया गया था. बैठक से संबंधित एजेंडा पर कार्रवाई और रोडमैप तैयार करने के लिए पूरी रिपोर्ट तैयार कर झारखंड की गृह सचिव वंदना दादेल और डीजीपी तदाशा मिश्र को भेज दिया गया. जिसके आधार पर गृह विभाग ने एडीजी सीआईडी, एएनटीएफ, आईजी स्पेशल ब्रांच और सभी जिले के एसपी को भेज दिया है और केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए 15 बिंदु पर कार्रवाई कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है. हालांकि, हाल में झारखंड सरकार द्वारा राज्य में ड्रग तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एएनटीएफ को सुदृढ़ बनाने और सूचना देने वालों के लिए ईनाम की भी घोषणा की है.

    क्या है केंद्रीय गृह मंत्री 15 बिंदु पर झारखंड पुलिस को टास्क

    1. नेटवर्क-लक्षित एन्फोर्समेंट : संपूर्ण ड्रग तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने हेतु स्त्रोत, बिचौलिये और वितरण चैनलों की स्पष्ट पहचान कर कार्रवाई करने और सभी मामलों में मनी ट्रेल की जांच करना.
    2. सिंथेटिक ड्रग/लैब कल्चर पर रोक : ड्रग खपत के तरीके और रसायनों की पहचान और निगरानी के लिए समर्पित प्लेटफॉर्म विकसित करना ताकि ड्रग बनाने वाली कंपनियां नए और उभरते रसायनों के बढ़ते प्रयोग से निपटने के लिए जागरूक हो सकें.
    3. एकीकृत डेटा आधारित खुफिया प्रणाली : वस्तुओं की आवाजाही, लॉजिस्टिक डेटा तथा भुगतान विवरण को समाहित करने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित एकीकृत डेटा एवं तकनीक आधारित खुफिया प्रणाली विकसित होगी और मैन्युफैक्चरिंग, सीमा शुल्क एवं जीएसटी प्राधिकरणों की सक्रिय भागीदारी होगी.
    4. NCORD की परिणाम आधारित समीक्षा : NCORD की बैठक में अब संख्या की जगह लिए गए निर्णयों पर की गई कार्रवाई और प्राप्त परिणामों की समीक्षा पर मुख्य ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
    5. नारकोटिक्स वर्टिकल : इंटेलिजेंस ब्यूरो तथा खुफिया जानकारी के लिए आसूचना संकलन एवं विश्लेषण को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित नारकोटिक्स वर्टिकल स्थापित करेगी.
    6. जिला स्तरीय रोडमैप : जिला प्रशासन, पुलिस और फॉरेंसिक विभाग आपसी समन्वय बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक मादक पदार्थ नियंत्रण के लिए जिला स्तर पर रोडमैप तैयार करें.
    7. दस ड्रग हॉटस्पॉट का चयन : प्रत्येक राज्य और जिला केंद्रित प्रवर्तन और निवारक कार्रवाई के लिए 10 ड्रग हॉटस्पॉट को चिन्हित करेंगे, ताकि कूरियर नेटवर्क, किंगपीन, वित्त पोषण नेटवर्क और लॉजिस्टिक रूट को टारगेट किया जा सके और हर तीन माह में अपडेट किया जाए.
    8. समयबद्ध टारगेट : एनडीपीएस के तहत चल रहे अभियोजन के लिए अलग-अलग स्तर पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित कर टारगेट तय करें.
    9. नशा मुक्ति केंद्र : स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग को मांग में कमी और पुनर्वास के लिए नशा मुक्ति केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सुदृढ़ एवं विस्तारित करना होगा.
    10. कंट्रोल सब्सटेंस, रिव्यू व तीन वर्ष का रोडमैप : फार्मास्युटिकल और रसायन विभाग कंट्रोल्ड सब्सटेंस की अनुसूची का पुनरीक्षण करें और आगामी तीन वर्षों का पूरा रोडमैप तैयार करें. इसके अलावा उन सभी निर्माता कंपनियों की सख्ती से निगरानी जरूरी है, जो ऐसे रसायनों का उपयोग नशीले पदार्थों में करती हैं.
    11. शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर ड्रग फ्री जोन : सभी शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग फ्री क्षेत्र घोषित कर सख्ती से लागू करें. इसके अलावा परिसरों में छात्रों के लिए शैक्षणिक शिविर तथा स्वैच्छिक चिकित्सीय जांच की प्रक्रिया शुरू करेंगे और चरणबद्ध तरीके से अनिवार्य करेंगे. वहीं, शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के समय छात्रों की जांच हो और ड्रग के आदी छात्रों को चिन्हित कर उचित काउंसलिंग की जाए.
    12. युवाओं को खेल के लिए प्रेरित : ड्रग के आदी छात्रों के मामले में खेल विभाग ड्रग स्पॉट को चिन्हित कर खेल के प्रति युवाओं की गतिविधियों को बढ़ाए, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके.
    13. विशेष टीम-स्थायी ढांचा : राज्य पुलिस तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों की पहचान कर विशेष टीम गठित कर निरंतर नारकोटिक्स नियंत्रण में स्थायी ढांचे के रूप में संस्थागत बनाया जाएगा.
    14. जब्त ड्रग्स का विनष्टीकरण : सभी राज्य सहज प्रक्रिया के तहत जब्त ड्रग्स को नष्ट करने में तेजी लाएंगे. डीजीपी/आईजी ड्रग्स नष्ट करने के लिए रोडमैप तैयार करेंगे.
    15. समयबद्ध रोडमैप/निगरानी तंत्र/विजन बुकलेट : सभी विभागों को गृह मंत्री ने निर्देश दिया है कि आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना पर चर्चा कर विजन बुकलेट तैयार की जाए. अगले तीन वर्षों में पूर्ण समर्पण के साथ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.

    झारखंड पुलिस के अलावा इन विभागों को मिली जिम्मेदारी

    झारखंड पुलिस के अलावा राजस्व विभाग, औषधि विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, डाक विभाग, शिक्षा विभाग, युवा एवं खेल विभाग, आईबी और एनसीबी समेत अन्य विभागों को जिम्मेदारी मिली है.

    Also Read : क्या Ease My Deal’ एप आपके पैसे उड़ा रहा है? उड़ाने वालों ने पुलिस के सामने क्या-क्या राज खोले

    Union Home Minister gives 15 points to the police to dismantle the drug trafficking network in Jharkhand. केंद्रीय गृह मंत्री ने झारखंड में ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस को दिए 15 बिंदु
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