Ranchi/Tejpur : केंद्रीय बजट 2026-27 में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए अहम पहल की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में निमहांस-2 (NIMHANS-2) की स्थापना की घोषणा की है। इसके लिए झारखंड की राजधानी रांची और असम के तेजपुर को चयनित किया गया है। इससे पूर्वी और उत्तर–पूर्व भारत में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल, उपचार और शोध को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि मानसिक रोगों में वृद्धि को देखते हुए क्षेत्रीय स्तर पर उच्च स्तरीय संस्थानों की आवश्यकता है। रांची पहले से ही मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ठोस आधार रखता है, इसलिए यहां NIMHANS-2 की स्थापना राष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र को और सशक्त बनाएगी। वहीं तेजपुर के माध्यम से पूर्वोत्तर राज्यों को भी अत्याधुनिक मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
रांची और तेजपुर में खोलें जाएंगे उत्तर भारत के पहले मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS-2)#UnionBudget #ViksitBharatBudget@BJP4India @narendramodi @AmitShah @nitinnabin @blsanthosh @BJP4Jharkhand
— Babulal Marandi (@yourBabulal) February 1, 2026
रांची: मानसिक स्वास्थ्य का प्रमुख हब
झारखंड की राजधानी रांची लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य देखभाल का केंद्रीय हब रही है। यहां सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (CIP) और रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो-साइकेट्री एंड एलाइड साइंसेज (RINPAS) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। CIP, जिसकी स्थापना 1918 में हुई थी, एशिया के सबसे बड़े मनोरोग अस्पतालों में गिना जाता है। 211 एकड़ में फैले इस संस्थान में 643 बेड की सुविधा है और यह ओपन हॉस्पिटल मॉडल पर संचालित होता है। RINPAS मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास, सामुदायिक आउटरीच और प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सस्ती और सुलभ उपचार व्यवस्था
CIP गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ है। यहां दो महीने तक भर्ती होने पर इलाज, दवा, भोजन और कपड़े सहित कुल खर्च मात्र 600 रुपये आता है। डॉक्टर की फीस केवल 10 रुपये है, जिससे यह देश के सबसे सुलभ मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में शामिल है। रांची में न केवल झारखंड बल्कि बिहार, बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और यूपी से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां मरीजों को बंद वार्डों में रखने के बजाय खुला और मानवीय वातावरण दिया जाता है। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, ओपीडी और हेल्पलाइन की सुविधा उपलब्ध है। उपचार के साथ-साथ साइकोथेरेपी, योग और खेलकूद जैसी गतिविधियों से मरीजों के समग्र पुनर्वास पर जोर दिया जाता है।
तेजपुर में NIMHANS-2 और चुनावी नजरिया
तेजपुर में NIMHANS-2 की स्थापना से न केवल गंभीर मानसिक रोगों के इलाज में सुधार होगा, बल्कि मनोचिकित्सा शिक्षा, शोध और विशेषज्ञ डॉक्टरों के प्रशिक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। असम में इस साल चुनाव होने के कारण इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रांची और तेजपुर मिलकर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का ऐसा नेटवर्क तैयार करेंगे, जो आने वाले समय में देश के लाखों मरीजों के लिए आशा और राहत का केंद्र बनेगा।
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