Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    21 May, 2026 ♦ 2:25 AM
    • About Us
    • Contact Us
    • Webmail
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube Telegram WhatsApp
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • राजनीति
    • बिहार
    • कारोबार
    • खेल
    • सेहत
    • अन्य
      • मनोरंजन
      • शिक्षा
      • धर्म/ज्योतिष
    Johar LIVEJohar LIVE
    Home»झारखंड»चाईबासा»अस्पताल से नहीं मिली मदद, इकलौते बेटे का श’व पैदल घर ले गया पिता
    चाईबासा

    अस्पताल से नहीं मिली मदद, इकलौते बेटे का श’व पैदल घर ले गया पिता

    Team JoharBy Team JoharDecember 20, 2025Updated:December 20, 2025No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    बेटा
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Chaibasa : चाईबासा के नोवामुंडी प्रखंड के बड़ा बालजोड़ी गांव के निवासी डिंबा चतोंबा को अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा झेलना पड़ा। उनका चार साल का इकलौता बेटा अचानक बीमार पड़ गया और शुक्रवार दोपहर उसकी सांसें थम गईं। मासूम की मौत के बाद अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। बेटे का शव देखकर डिंबा की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे।

    बेटे की मौत के बाद डिंबा को उम्मीद थी कि अस्पताल प्रशासन शव को घर तक पहुंचाने में मदद करेगा। लेकिन अस्पताल में न तो एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई और न शव वाहन। गरीब डिंबा के पास साधन और पैसे दोनों की कमी थी। उसके पास केवल 100 रुपए थे। मजबूरी में उसने 20 रुपए देकर एक प्लास्टिक की थैली खरीदी और उसी में बेटे का शव रखा।

    डिंबा ने बचे हुए पैसों से चाईबासा से नोवामुंडी तक बस का किराया भरा और थैले में बेटे का शव लेकर सफर किया। वहां से वह पैदल अपने गांव बड़ा बालजोड़ी पहुंचा। बेटे का शव थैले में और दिल में असहनीय दर्द लिए पिता ने स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। यह घटना सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों का आईना है।

    so the father carried his son's body home on foot. The hospital did not provide any assistance
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleहजारीबाग जमीन घोटाले में विनय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत
    Next Article झारखंड में महंगी हो सकती है बिजली, 3.50 रुपए प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी संभव

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    शादी में दुल्हन का बैग उड़ाने वाला अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार, रांची पुलिस ने मध्य प्रदेश से दबोचा

    May 20, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    होटवार जेल यौन शोषण कांड पर बढ़ा आक्रोश, अंजुमन इस्लामिया ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

    May 20, 2026
    जामताड़ा

    दवा दुकानों की हड़ताल से थमा कारोबार, जामताड़ा में मरीजों की परेशानी बढ़ी

    May 20, 2026
    Latest Posts

    शादी में दुल्हन का बैग उड़ाने वाला अंतरराज्यीय चोर गिरफ्तार, रांची पुलिस ने मध्य प्रदेश से दबोचा

    May 20, 2026

    होटवार जेल यौन शोषण कांड पर बढ़ा आक्रोश, अंजुमन इस्लामिया ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

    May 20, 2026

    दवा दुकानों की हड़ताल से थमा कारोबार, जामताड़ा में मरीजों की परेशानी बढ़ी

    May 20, 2026

    रांची में UPSC प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी पूरी, 24 मई को 36 केंद्रों पर होंगे एग्जाम

    May 20, 2026

    माता-पिता की मौत के बाद बेसहारा हुए तीन बच्चे, DC अजयनाथ झा बोले- पढ़ाई और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी हमारी

    May 20, 2026

    © 2026 Johar LIVE. Designed by Launching Press. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.