Palamu : जिले में अवैध खनन और बालू के काले कारोबार पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में DC समीरा एस की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई, जिसमें पिछले निर्देशों की समीक्षा के साथ आगे की रणनीति तय की गई।
मार्च में बड़ी कार्रवाई, 44 वाहन जब्त
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि मार्च महीने में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 44 वाहनों को जब्त किया गया। इस दौरान 29 लाख 86 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया और तीन प्राथमिकी भी दर्ज की गई।
ईंट भट्ठों पर भी सख्ती, 2.19 करोड़ की वसूली
जिले के 201 ईंट भट्ठों की जांच की गई, जिसमें सभी को नोटिस जारी किया गया। कार्रवाई के दौरान 137 ईंट भट्ठों से 2 करोड़ 19 लाख 20 हजार रुपये की दंड राशि वसूली गई।
परिवहन और अंचलों की भी कार्रवाई
जिला परिवहन विभाग ने 61 वाहनों को जब्त कर 14 लाख 70 हजार रुपये जुर्माना वसूला। वहीं विभिन्न अंचलों में 69 वाहन जब्त किए गए, जिनमें सबसे ज्यादा 13 वाहन छत्तरपुर अंचल से पकड़े गए। इसके अलावा 24 ईंट भट्ठों, 3 स्टोन माइंस और 2 स्टोन क्रशरों की भी जांच की गई।
डीसी का साफ निर्देश, शिकायत नहीं आनी चाहिए
DC समीरा एस ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि अवैध खनन की शिकायतें व्हाट्सएप के जरिए मिलना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें बंद होनी चाहिए और इसके लिए जमीनी स्तर पर सख्ती जरूरी है।
थाना प्रभारी और सीओ को जिम्मेदारी
डीसी ने सभी थाना प्रभारी और अंचल अधिकारियों को अपने क्षेत्र में अवैध बालू पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया। साथ ही पुलिस, परिवहन और खनन विभाग को मिलकर संयुक्त अभियान चलाने, चेकपोस्ट पर सघन जांच और खनन स्थलों की निगरानी बढ़ाने को कहा।
बॉर्डर इलाकों में खास नजर
सीमावर्ती क्षेत्रों, खासकर हरिहरगंज में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। डीसी ने बताया कि वहां से अवैध बालू और शराब के परिवहन की शिकायतें मिलती हैं, इसलिए रात में लगातार जांच जरूरी है।
समन्वय से ही रुकेगा अवैध कारोबार
बैठक में साफ संदेश दिया गया कि अवैध खनन की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। वन विभाग, पुलिस और अंचल प्रशासन को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा गया, ताकि इस पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।


