Jamtara : जामताड़ा में शुक्रवार को एक दुखद घटना घटी, जब तीन साल के मासूम अंशु साव पिता शंटू साव की सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। लोगों का कहना है कि सही इलाज न मिलने के कारण यह घटना हुई। इस खबर ने पूरे शहर में गुस्सा और आक्रोश पैदा कर दिया।
स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन
मासूम की मौत के बाद लोग शहर के चंचला माता मंदिर चौक पर इकट्ठा हुए और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्था की मांग की और स्पष्ट किया कि लचर स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से यह हादसा हुआ।
उपायुक्त से मुलाकात और ज्ञापन
शहर के लोगों ने उपायुक्त रवि आनंद से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सदर अस्पताल में 24 घंटे बाल रोग विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। लोगों का कहना है कि जामताड़ा एक पिछड़ा इलाका है और यहां के लोग बड़े शहरों में इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए स्थानीय अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति जरूरी है।
लोग बोले, स्वास्थ्य व्यवस्था अभी भी लचर
जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने ही बच्चे को इलाज के अभाव में दम तोड़ते देखा, जो बेहद दुखद है। आकाश साव ने कहा कि जामताड़ा को जिला बने 26 साल हो गए, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था अब भी कमजोर है। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए न तो आईसीयू की सुविधा है और न ही विशेषज्ञ डॉक्टर, जिससे मरीजों को काफी परेशानी होती है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल
इस दौरान राजकुमार यादव, निशा रवानी, रूपा बाबरी, छोटू साहू, गौरव मंडल, कैलाश सिंह और अनिल साहू समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सभी ने स्वास्थ्य विभाग की खामियों को उजागर किया और सुधार की मांग की।
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