Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • JPSC / JSSC
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»Uncategorized»अरावली खनन विवाद में सुप्रीम कोर्ट सख्त, डोमेन एक्सपर्ट्स की टीम बनाने का आदेश
    Uncategorized

    अरावली खनन विवाद में सुप्रीम कोर्ट सख्त, डोमेन एक्सपर्ट्स की टीम बनाने का आदेश

    Team JoharBy Team JoharJanuary 21, 2026Updated:January 21, 2026No Comments3 Mins Read6
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    अरावली
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों में हो रहे अवैध खनन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए इसे “पूर्ण अपराध” करार दिया है। बुधवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि गैर-कानूनी खनन से पर्यावरण को ऐसा नुकसान होता है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। इस गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अरावली में खनन और उससे जुड़े तमाम मुद्दों की व्यापक जांच के लिए विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र समिति गठित करने के पक्ष में फैसला सुनाया है।

    क्या है अरावली विवाद:

    अरावली पहाड़ियों की परिभाषा को लेकर उठे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने ‘इन री: डेफिनिशन ऑफ अरावली हिल्स एंड रेंजेज एंड एंसिलरी इश्यूज’ मामले में स्वतः संज्ञान लिया था। नवंबर 2025 में कोर्ट ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए नई खनन लीज पर रोक लगा दी थी। समिति ने सुझाव दिया था कि स्थानीय क्षेत्र से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली भूमि को अरावली पहाड़ी माना जाए और 500 मीटर के भीतर स्थित दो या अधिक पहाड़ियों को अरावली रेंज की श्रेणी में रखा जाए। इसी परिभाषा को लेकर अब व्यापक समीक्षा की जा रही है।

    विशेषज्ञ समिति गठित करने के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट :

    यह मामला सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया। सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और के. एम. नटराज अदालत में उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने दलील दी कि अलग-अलग इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और पेड़ों की कटाई हो रही है, जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन पूरी तरह से एक आपराधिक कृत्य है और इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए और सरकार को अपनी पूरी मशीनरी का इस्तेमाल कर इस पर रोक लगानी चाहिए। राजस्थान सरकार की ओर से पेश हुए एएसजी और के. एम. नटराज ने अदालत को भरोसा दिलाया कि अवैध खनन रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में पहले ही स्वतः संज्ञान ले चुका है और नई रिट याचिकाएं दाखिल करने से बचा जाना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि उन्होंने अरावली के इतिहास और वैज्ञानिक पहलुओं को लेकर हस्तक्षेप याचिका दाखिल की है और अदालत की सहायता करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अरावली को परिभाषित करना अपने आप में एक जटिल विषय है, क्योंकि यह एक सब-टेक्टोनिक स्ट्रक्चर है जो गुजरात से उत्तर प्रदेश तक फैला है।

    इस पर सीजेआई ने कहा कि अदालत को डोमेन एक्सपर्ट्स की एक ऐसी टीम की जरूरत है, जिसमें पर्यावरणविद, वैज्ञानिक, वन विशेषज्ञ और खनन से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हों। यह समिति सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी और पर्यवेक्षण में काम करेगी और चरणबद्ध तरीके से अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। अदालत ने ASG और एमिकस क्यूरी को चार सप्ताह के भीतर ऐसे विशेषज्ञों के नाम सुझाने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कानून अपना काम करेगा। अदालत ने 29 दिसंबर 2025 को जारी अंतरिम आदेश को अगले निर्देश तक लागू रखने का फैसला किया है। गौरतलब है कि इससे पहले कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों और पर्वतमालाओं की एक समान परिभाषा को लेकर जारी 20 नवंबर के निर्देशों पर भी अस्थायी रोक लगा दी थी।

    Also Read : मुंबई की अंधेरी गलियों से उठता खौफ, ‘दलदल’ की ट्रेलर ने बढ़ाया रोमांच

    Aravalli Hills Aravalli mining Climate Change Environmental Law Environmental News Environmental Protection expert committee Forest Conservation Illegal Mining india news judiciary mining dispute SC order SC आदेश Supreme Court अरावली खनन अरावली पहाड़ियां अवैध खनन जलवायु परिवर्तन न्यायपालिका पर्यावरण कानून पर्यावरण संरक्षण भारत समाचार माइनिंग विवाद वन संरक्षण विशेषज्ञ समिति सुप्रीम कोर्ट
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleमुंबई की अंधेरी गलियों से उठता खौफ, ‘दलदल’ की ट्रेलर ने बढ़ाया रोमांच
    Next Article चारदीवारी बनवाने पर भाजपा नेता और बेटे को पीटा, कार भी तोड़ी

    Related Posts

    जोहार ब्रेकिंग

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी देशभर की FIR बंद, जंतर-मंतर के 2,873 लोगों की जांच जारी

    September 1, 2026
    Uncategorized

    Breaking : सीजीएल मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, वेबल के दो कर्मी गिरफ्तार

    August 27, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से नाराज शंकराचार्य, बोले- माफी नहीं मांगी तो हिंदू कांग्रेस का बहिष्कार करेगा

    August 27, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    कांग्रेस पार्टी एक महिला विरोधी दल है: हिमंत बिस्वा सरमा

    August 27, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    हाथी कॉरिडोर: 6 साल, 555 मौतें और 17 कॉरिडोर… सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सुलझेगी उलझन?

    August 26, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी को हाईकोर्ट से राहत, तीन मामलों में नहीं होगी गिरफ्तारी

    August 26, 2026
    Latest Posts

    कोचिंग हब में नियमों की अनदेखी पर कड़ा प्रहार: बिना ट्रेड लाइसेंस चल रहे 18 बड़े संस्थानों को सील करने का आदेश

    September 1, 2026

    चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी, पत्र में लिखा – हार्डकोर आतंकियों द्वारा जल्द मार दिए जाओगे

    September 1, 2026

    झारखंड : स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी, शिक्षा से लेकर आयुष्मान योजना तक कई अहम फैसले

    September 1, 2026

    जयराम की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस एसोसिएशन करेगी चार चरणों में आंदोलन

    September 1, 2026

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी देशभर की FIR बंद, जंतर-मंतर के 2,873 लोगों की जांच जारी

    September 1, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.