झारखंड सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है. एलाइड और हेल्थकेयर शिक्षा के लिए नया नियामक ढांचा तैयार किया जाएगा, जबकि आयुष्मान समेत स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में लंबित दावों और अस्पतालों के अटके भुगतान को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं.
मंगलवार को अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में झारखंड राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद और झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की बैठक हुई.
एलाइड हेल्थकेयर शिक्षा पर फोकस
परिषद कॉलेजों और संस्थानों को संबद्धता देगी और पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों का पंजीकरण करेगी. ट्रांजिशन बैच की परीक्षा कराने, आवश्यक पद सृजित करने और एक समर्पित वेब पोर्टल बनाने का भी निर्णय लिया गया. सहिया, एमपीडब्ल्यू और अन्य कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के लिए करीब छह माह का विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करने का सुझाव दिया गया.
आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और SEHIS की समीक्षा के दौरान नई बीमा कंपनी के चयन के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया. बीमा कंपनियों के पास लंबित दावों और तकनीकी कारणों से अस्पतालों तक नहीं पहुंची भुगतान राशि को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए.
आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया होगी तेज
पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी कराकर सीएससी केंद्रों और अस्पतालों के माध्यम से आयुष्मान कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी.
सरकार का फोकस एक तरफ बेहतर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी तैयार करने पर है, तो दूसरी तरफ आम लोगों तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ पहुंचाने और अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है.
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