Johar Live Desk : भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को वैश्विक संकेतों में मिली-जुली प्रतिक्रिया के बीच सकारात्मक शुरुआत की। सुबह 9.30 बजे सेंसेक्स 40 अंक यानी 0.04% बढ़कर 85,081 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 14 अंक यानी 0.05% चढ़कर 26,057 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक फिलहाल नई पोजिशन लेने से बच रहे हैं और बाजार में कंसोलिडेशन का दौर जारी है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मामूली बढ़त
ब्रॉडर मार्केट भी बेंचमार्क सूचकांकों के अनुरूप ही हल्की बढ़त दिखा रहा है। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.14% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.18% की मामूली तेजी रही। इससे संकेत मिलता है कि चुनिंदा शेयरों में ही खरीदारी हो रही है। टेक महिंद्रा, टाटा स्टील और एनटीपीसी प्रमुख लाभ में रहे। वहीं, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, बजाज फाइनेंस और टाटा कंज्यूमर में बिकवाली का दबाव रहा, जिससे बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर प्रभावित हुआ।
रुपया थोड़ा कमजोर
भारतीय रुपया सोमवार को डॉलर के मुकाबले हल्का कमजोर होकर 89.90 पर खुला, जबकि शुक्रवार को यह 89.85 पर बंद हुआ था। सेक्टरल स्तर पर निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए 1.11% बढ़ा। इसके अलावा निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.26% और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.25% की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,850-25,900 का स्तर तत्काल सपोर्ट है, जबकि 26,150-26,200 मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और रुपये में मजबूती से बाजार को नीचे गिरने से बचाव मिला। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। चीन के शंघाई और शेनझेन इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, जबकि जापान का निक्केई गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार मजबूत रहे।
निवेशकों की नजर भविष्य पर
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। फिलहाल किसी बड़े ट्रिगर के अभाव में बाजार सीमित दायरे में ही रह सकता है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे सकारात्मक संकेत आने पर ही नई तेजी देखने को मिल सकती है।
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