Ranchi : रांची के कांके थाना क्षेत्र के प्रेम नगर में 12 जनवरी को 12 साल की निधी बाखला के अपहरण की खबर पूरी तरह बेबुनियाद निकली। रांची पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है। अपहरण की सूचना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी थी। पुलिस ने मामले की गहन जांच की और पाया कि बच्ची के अपहरण का कोई तथ्य नहीं था।
बच्ची की अस्वस्थता बनी भ्रम का कारण
जानकारी के अनुसार, पूनम बाखला ने अपनी बेटी निधी के अपहरण का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा गया था कि दो बाइक सवार युवकों ने स्प्रे मारकर बच्ची को अगवा करने का प्रयास किया और बाद में चारपहिया वाहन से ले जाने लगे। हालांकि, जांच में सामने आया कि बच्ची उसी दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, काँके से रेबीज का चौथा टीका लगवाकर अपने घर लौट रही थी। टीके के प्रभाव के कारण बच्ची अस्थायी रूप से भ्रमित और हल्की बेसुध स्थिति में थी।
सीसीटीवी फुटेज में सामने आई सच्चाई
पुलिस ने प्रेम नगर से लेकर नगड़ी तक लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में स्पष्ट हुआ कि बच्ची पैदल ही स्वास्थ्य केंद्र गई और वहीं से ऑटो (JH01CQ-8861) में बैठकर घर लौट रही थी। बाजार टांड़ के पास उसे उसके पिता ने ऑटो में देखा और सुरक्षित घर पहुँचाया। ऑटो चालक ने बताया कि बच्ची रो रही थी और पैसे नहीं होने की वजह से उसने उसे बाजार टांड़ तक छोड़ दिया। बच्ची ने ऑटो में यह भी बताया कि उसका घर प्रेम नगर में है। सीसीटीवी फुटेज और लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि निधी बाखला के अपहरण की कोई घटना नहीं हुई। यह पूरी घटना टीके के अस्थायी प्रभाव और बच्ची की भटकने की स्थिति के कारण हुई गलतफहमी थी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी खबर पर जल्दबाजी में विश्वास न करें और मामले की पुष्टि कर ही कोई कदम उठाएं।
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