Ranchi : भीषण गर्मी के बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से पहले केरल पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने केरल में 26 मई से 30 मई के बीच मानसून सक्रिय होने की संभावना जताई है। सामान्य तौर पर मानसून हर साल 1 जून को केरल पहुंचता है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वरीय विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि केरल में मानसून की एंट्री पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में बारिश के मौसम की शुरुआत का संकेत मानी जाती है। इसके बाद मानसून धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ता है और विभिन्न राज्यों को गर्मी से राहत मिलती है। उन्होंने बताया कि झारखंड में इस बार मानसून 12 जून से 18 जून के बीच पहुंच सकता है। यदि मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो राज्य में सामान्य से पहले बारिश की शुरुआत हो सकती है।
2005 से जारी हो रहा मानसून पूर्वानुमान
अभिषेक आनंद ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग वर्ष 2005 से केरल में मानसून के आगमन को लेकर परिचालन पूर्वानुमान जारी कर रहा है। इसके लिए स्वदेशी तकनीक से विकसित अत्याधुनिक सांख्यिकीय मॉडल का इस्तेमाल किया जाता है। इस मॉडल में चार दिनों तक की संभावित त्रुटि मानी जाती है। उन्होंने बताया कि मॉडल में छह महत्वपूर्ण मौसम संकेतकों को शामिल किया जाता है। इनमें उत्तर-पश्चिम भारत का न्यूनतम तापमान, दक्षिण प्रायद्वीप में मानसून पूर्व बारिश, समुद्र तल का दबाव, दक्षिण चीन सागर में आउटगोइंग लॉन्ग वेव रेडिएशन, हिंद महासागर की क्षेत्रीय हवाएं और इंडोनेशिया क्षेत्र की ऊपरी हवाएं शामिल हैं।
पिछले वर्षों में अधिकतर सही रहा पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2005 से 2025 के बीच मानसून आगमन को लेकर जारी अधिकांश पूर्वानुमान सही साबित हुए हैं। केवल वर्ष 2015 में अनुमान पूरी तरह सटीक नहीं रहा था।
पिछले वर्षों में मानसून आगमन और पूर्वानुमान
- वर्ष 2020 : मानसून आया 1 जून, पूर्वानुमान था 5 जून
- वर्ष 2021 : मानसून आया 3 जून, पूर्वानुमान था 31 मई
- वर्ष 2022 : मानसून आया 29 मई, पूर्वानुमान था 27 मई
- year 2023 : मानसून आया 8 जून, पूर्वानुमान था 4 जून
- वर्ष 2024 : मानसून आया 30 मई, पूर्वानुमान था 31 मई
- वर्ष 2025 : मानसून आया 17 जून, पूर्वानुमान था 12 जून
- वर्ष 2026 : झारखंड में संभावित आगमन 12 से 18 जून के बीच
किसानों और आम लोगों की बढ़ी उम्मीदें
मानसून के संभावित आगमन को लेकर किसानों में भी उत्साह है। समय पर बारिश होने से खेती की तैयारी आसान होगी और खरीफ फसलों की बुवाई समय पर हो सकेगी। वहीं लगातार बढ़ती गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
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