Patna : सरस्वती पूजा शुक्रवार को पूरे शहर में धूमधाम से मनाई गई। पूजा के बाद शनिवार को मां सरस्वती की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इसे ध्यान में रखते हुए पटना नगर निगम ने शहर के विभिन्न घाटों पर कुल 7 आर्टिफिशियल तालाब बनाए हैं।
इन तालाबों का निर्माण चार अंचलों में किया गया है:
बांकीपुर अंचल : लॉ कॉलेज घाट
पाटलिपुत्र अंचल : पाटीपुल घाट और मीनार घाट
अजीमाबाद अंचल : घाट और मित्तन घाट
पटना सिटी अंचल : कंगन घाट और दमराही घाट
तालाबों के चारों ओर बैरिकेडिंग और लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि सरस्वती पूजा पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ आयोजित हो।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि मूर्ति विसर्जन केवल अपने संबंधित अंचल में बने कृत्रिम तालाब में ही करें। पूजा सामग्री को सड़क या तालाब में न फेंकें और सूखा व गीला कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डालें।
गंगा नदी और अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान चलाया है। प्लास्टिक मुक्त विसर्जन सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम की जागरूकता टीमें घाटों पर तैनात रहेंगी और श्रद्धालुओं को प्लास्टिक रैपर, पॉलीथिन या अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल सामग्री के उपयोग से रोकेंगी।
मां सरस्वती की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पटना जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है। शहर के प्रमुख घाटों पर चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग स्टाफ और एंबुलेंस तैनात होंगे। इसके अलावा जिले के सभी अनुमंडलों में भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेंगे।
नगर आयुक्त और सिविल सर्जन की यह तैयारियाँ इस बात को सुनिश्चित करती हैं कि पटना में सरस्वती पूजा का आयोजन सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से हो।
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