Johar Live Desk : चुनाव आयोग आज विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर महत्वपूर्ण बैठक करेगा। कई राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का पुनरीक्षण तय समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से आयोग इन राज्यों को अतिरिक्त समय देने पर विचार कर रहा है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को पूरी तरह सही और अपडेट रखना उसकी प्राथमिकता है, इसलिए जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाया जाएगा।
एसआईआर क्या होता है?
एसआईआर वह प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची को सुधारकर उसे अधिक सटीक बनाया जाता है। इसमें दोहराए गए नाम हटाए जाते हैं, मृत या दूसरी जगह जा चुके लोगों के नाम कटते हैं और 18 साल से ऊपर के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है। पूरे देश में यह प्रक्रिया फर्जी मतदान पर रोक लगाने में मदद करती है। इस समय एसआईआर का दूसरा चरण चल रहा है, जहां बीएलओ घर-घर जाकर लोगों का सत्यापन कर रहे हैं। चूंकि कई बीएलओ शिक्षक या सरकारी कर्मचारी भी होते हैं, इसलिए सीमित समय में यह काम पूरा करना उनके लिए कठिन हो रहा है।
यूपी ने मांगा दो हफ्ते का समय
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि राज्य सरकार ने आयोग से एसआईआर पूरा करने के लिए और दो सप्ताह की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि मृत और स्थानांतरित मतदाताओं की प्रविष्टियों का दोबारा सत्यापन करना जरूरी है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में 99.24% दस्तावेजों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। यूपी में यह प्रक्रिया 4 नवंबर से चल रही है।
पश्चिम बंगाल में भी बढ़ी समयसीमा
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के लिए एसआईआर की समय सीमा बढ़ाते हुए अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख को 14 फरवरी 2026 कर दिया है। आयोग ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि राज्य में बड़ी संख्या में जनगणना का काम होना है और मतदान केंद्रों का सही तरीके से सत्यापन व पुनर्गठन भी जरूरी है।
नई समय-सारणी के अनुसार
- बीएलओ का घर-घर सर्वे 11 दिसंबर 2025 को समाप्त होगा।
- वोटर लिस्ट का मसौदा 16 दिसंबर 2025 को जारी किया जाएगा।
- लोग 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक अपने दावे और आपत्तियाँ दे सकेंगे।
- सभी आपत्तियों का निपटान और विशेष सत्यापन 7 फरवरी 2026 तक किया जाएगा।
- मतदान केंद्रों का पुनर्गठन भी इसी दिन तक पूरा कर लिया जाएगा।
अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।


