New Delhi : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक बुलाई है। बैठक से पहले पार्टी ने एक आंतरिक दस्तावेज तैयार किया है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल केंद्र के उस फैसले से नाराज हैं, जिसमें मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत जी राम जी एक्ट, 2025’ किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वर्किंग कमेटी की बैठक में नए कानून को वापस लेने की मांग को लेकर देशभर में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। यह दस्तावेज राज्य इकाइयों को दिया जाएगा, ताकि वे केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर सकें।
कांग्रेस ने सरकार के दावों पर उठाए सवाल
कांग्रेस का कहना है कि सरकार यह दावा कर रही है कि नई योजना ग्रामीण रोजगार की कमियों को दूर करेगी, लेकिन हकीकत में इससे राज्यों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। पार्टी नेता जगदीश ठाकोर ने कहा कि यह कानून जल्दबाजी में पास किया गया और न तो राज्यों से सलाह ली गई और न ही संसद में पर्याप्त चर्चा हुई। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि रोजगार के 125 दिन का दावा किया जा रहा है, जबकि पहले भी औसतन परिवारों को 45 से 60 दिन ही काम मिल पाया है। ऐसे में बिना पर्याप्त बजट के यह दावा बेकार है।
राज्यों और मजदूरों पर असर का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि नई योजना में बजट आवंटन मांग के अनुरूप नहीं रहा, जिससे मजदूरी भुगतान में देरी और काम रुकने जैसी समस्याएं बढ़ेंगी। पार्टी का कहना है कि इसका सबसे ज्यादा असर महिला मजदूरों और कमजोर परिवारों पर पड़ेगा।
देशभर में आंदोलन की तैयारी
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर ग्रामीण वोटरों से दोबारा जुड़ने की कोशिश कर रही है। पश्चिम बंगाल और पंजाब में कांग्रेस पहले ही इस कानून के खिलाफ विरोध शुरू कर चुकी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा गरीबों के लिए सुरक्षा कवच रही है और इसे कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
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