Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शनिवार को फार्मेसी काउंसिल में प्रभारी निबंधन सचिव की नियुक्ति पर जोरदार बहस हुई। पश्चिम जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश कर आरोप लगाया कि नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। सरयू राय ने कहा कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल में नियम और योग्यता की अनदेखी कर यह नियुक्ति की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज कर चहेते लोगों को लाभ पहुंचाया गया, जिससे विभागीय पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने सरकार से पूरी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
स्वास्थ्य मंत्री का जवाब-नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई
सरयू राय के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और अगर नियुक्ति नियमों के खिलाफ पाई गई तो उसे रद्द कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सरकारी हेलीकॉप्टर और चार्टर विमानों पर बहस
सदन में सरकारी हेलीकॉप्टर और चार्टर विमानों के उपयोग को लेकर भी बहस हुई। विधायक शशि भूषण मेहता ने सवाल उठाया कि निजी एजेंसियों से हेलीकॉप्टर और विमान किराये पर लेने से सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ रहा है। उन्होंने पूछा कि क्या भविष्य में अपना हेलीकॉप्टर खरीदा जाएगा, ताकि खर्च कम हो और सरकारी नियंत्रण बना रहे। शशि भूषण मेहता ने लातेहार में हुए हेलीकॉप्टर हादसे का भी जिक्र किया, जिसमें सात लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार का अपना हेलीकॉप्टर होता तो जवाबदेही स्पष्ट होती और मृतकों के परिजनों को बेहतर मुआवजा मिलता। इस पर मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि नया हेलीकॉप्टर खरीदना फिलहाल व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने बताया कि एक हेलीकॉप्टर की कीमत 80-100 करोड़ रुपए होती है, और रखरखाव, पायलटों की नियुक्ति और तकनीकी संचालन पर भी भारी खर्च आता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्य निजी एजेंसियों से ही सेवाएं लेते हैं।
ड्रग्स कारोबार पर चिंता
सदन में रोशन लाल चौधरी ने हजारीबाग और रामगढ़ जिलों में बढ़ते ड्रग्स कारोबार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ब्राउन शुगर और हेरोइन अब गली-मोहल्लों तक पहुंच चुकी हैं, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2019 से 2023 के बीच एनडीपीएस एक्ट के तहत 2396 मामले दर्ज हुए, और पिछले तीन सालों में इसमें बढ़ोतरी हुई। इस पर मंत्री योगेंद्र महतो ने भरोसा दिलाया कि ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और हर जिले में विशेष टास्क फोर्स गठित कर एंटी-नारकोटिक्स अभियान चलाया जाएगा।
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