“गिफ्ट ऑफ लाइफ” के तहत हो रहा आयोजन
यह कैंप झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के “गिफ्ट ऑफ लाइफ” कार्यक्रम के तहत लगाया गया है। पहले दिन ही राज्य के अलग-अलग जिलों से आए बच्चों की जांच अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने की। डॉक्टरों ने बच्चों की स्थिति देखकर अभिभावकों को जरूरी सलाह भी दी। साथ ही शिशु रोग विशेषज्ञों के लिए एक वर्कशॉप भी रखी गई, जिसमें बच्चों के दिल की बीमारियों से जुड़ी जरूरी जानकारी साझा की गई।
इको जांच से होगी पहचान, जरूरत पर कोच्चि में सर्जरी
कैंप में बच्चों की जांच इको और अन्य आधुनिक तरीकों से की जा रही है। जिन बच्चों में गंभीर समस्या मिलेगी, उनका ऑपरेशन अमृता हॉस्पिटल, कोच्चि में मुफ्त कराया जाएगा। ऑपरेशन के बाद भी डॉक्टर उनकी निगरानी करते रहेंगे। इस कैंप में करीब 500 बच्चों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि इलाज के साथ-साथ बच्चों और उनके परिजनों के आने-जाने और ठहरने की सुविधा भी मुफ्त दी जा रही है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
डॉक्टरों के अनुसार अगर बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हो, दूध पीते समय हांफे, शरीर या होंठ नीले पड़ें, ज्यादा पसीना आए या वजन न बढ़े, तो तुरंत जांच करानी चाहिए। कई बार यह बीमारी जन्म के बाद धीरे-धीरे सामने आती है। कुछ मामले अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन कई मामलों में समय पर सर्जरी जरूरी होती है।
क्या है जन्मजात हृदय रोग
जन्मजात हृदय रोग का मतलब है कि बच्चे के दिल की बनावट में जन्म के समय ही कोई समस्या हो। यह दिक्कत गर्भावस्था के दौरान दिल के सही तरीके से विकसित न होने पर होती है। डॉक्टरों के मुताबिक, लगभग हर 100 बच्चों में 1 या 2 बच्चे इस बीमारी से प्रभावित होते हैं।
जागरूकता की कमी बड़ी चुनौती
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि गांव और दूर-दराज के इलाकों में जागरूकता की कमी के कारण बीमारी का समय पर पता नहीं चल पाता। उन्होंने बताया कि मुफ्त ऑपरेशन के लिए अमृता हॉस्पिटल के साथ समझौता किया गया है, जबकि अन्य संस्थाएं भी इस काम में सहयोग कर रही हैं।
समय पर इलाज से सामान्य जीवन संभव
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इलाज हो जाए तो ऐसे 90 प्रतिशत बच्चे सामान्य जिंदगी जी सकते हैं। लेकिन गंभीर मामलों में एक साल के भीतर सर्जरी जरूरी हो जाती है। निजी अस्पतालों में इस तरह के ऑपरेशन का खर्च 3 से 5 लाख रुपये या उससे ज्यादा होता है, ऐसे में यह मुफ्त कैंप जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।
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