Close Menu
Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Johar LIVEJohar LIVE
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    • होम
    • जेपीएससी / जेएसएससी
    • क्राइम
    • राजनीति
    • बिजनेस
    • झारखंड
    • आदिवासी
    • बिहार
    • स्वास्थ्य
    • पर्यावरण
    • स्पेशल स्टोरी
    • खेल-सिनेमा
    Johar LIVE
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Home»जोहार ब्रेकिंग»सरकारी लापरवाही का नमूनाः देख-रेख के अभाव में दुमका में जर्जर हो गए पेयजल विभाग के लाखों के संयंत्र
    जोहार ब्रेकिंग

    सरकारी लापरवाही का नमूनाः देख-रेख के अभाव में दुमका में जर्जर हो गए पेयजल विभाग के लाखों के संयंत्र

    Team JoharBy Team JoharAugust 11, 2020No Comments2 Mins Read0
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Email Copy Link

    Joharlive Team

    दुमका। सरकारी राशि का किस तरह दुरुपयोग होता है इसका नमूना जिले में देखा जा सकता है। दरअसल, लगभग दो दशक पूर्व पेयजल विभाग ने लाखों के वाटर बोरिंग वाहन क्रय किए थे, लेकिन उसका सही रखरखाव नहीं हुआ। उन वाहनों की जो क्षमता थी उसका समुचित उपयोग न कर उसे खुले में छोड़ दिया गया। समय बीतता गया, अब ये सभी वाहन कबाड़ के रूप में तब्दील हो गए हैं। शहर से 6 किलोमीटर दूर मयूराक्षी नदी के किनारे हिजला वाटर प्लांट परिसर में ऐसे चार वाहन रखे हुए हैं, जो ये बताते हैं कि यह विभागीय लापरवाही का उदाहरण है।

    • वाहनों का रख-रखाव सही ढंग से नहीं

    इन वाहनों का इस्तेमाल सरकार की ओर से किए जाने वाले वाटर बोरिंग के लिए होना था। सरकारी कार्यों में इस्तेमाल के साथ ही अगर कोई व्यक्ति निजी उपयोग के लिए इसे लेता तो विभाग को वह इसका उचित किराया देता। काफी उपयोगी यह वाहन अब पूरी तरह से समाप्त होता दिख रहा है। इन वाहनों को सदर प्रखंड के हिजला गांव में रखा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग इन वाहनों को काफी दिनों से देख रहे हैं। इसका जो रखरखाव होना था वह सही ढंग से नहीं हुआ। अब तो यह जर्जर हो गया है। साथ ही ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि इसका प्रयोग करें, ताकि जनहित में इसका प्रयोग हो और लोगों को इसका फायदा मिल सके।

    • वाहनों की होगी नीलामी

    दुमका पेयजल और स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि इन वाहनों को काफी पहले लिया गया था। इसलिए वह नहीं बता सकते कि इसका प्रयोग क्यों नहीं हुआ। लेकिन लॉकडाउन के पहले एक विभागीय बैठक हुई थी, उसमें यह निर्णय लिया गया है कि इन वाहनों की नीलामी होगी।

    • इस तरह की लापरवाही चिंतनीय विषय

    अगर कोई व्यक्ति अपने व्यवसाय के लिए ऐसे संयंत्रों का क्रय करता है तो वह उसका समुचित प्रयोग करता है, उसे वह बेहतर रोजगार का साधन बनाता है और काफी मुनाफा कमाता है, लेकिन सरकारी विभाग जब यह खरीदता है तो मामला उलट जाता है। आखिरकार यह मानसिकता कब बदलेगी, जब सरकारी संपत्ति को भी लोग अपनी निजी संपत्ति की तरह देखभाल करेंगे और उसकी सुरक्षा करेंगे।

    Jharkhand news Latest news Online news
    Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on Instagram Follow on YouTube Follow on WhatsApp Follow on Telegram
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram WhatsApp Email Copy Link
    Previous Articleरांची: देश का इकलौता मंदिर जहां फहराया जाता है तिरंगा, 15 अगस्त 1947 से चल रही परंपरा
    Next Article बिहार: बाढ़ के पानी के साथ-साथ ‘बेजुबानों’ की चिंता, नहीं मिल पा रहा चारा

    Related Posts

    आदिवासी

    अंतिम आदिवासी भाग-2: असुर जनजाति के जिस हुनर से 2.22 लाख करोड़ की कंपनी बनी टाटा स्टील, आज भी बिजली का एक बल्ब तलाश रहा उन असुरों का गांव

    October 5, 2026
    आदिवासी

    अंतिम आदिवासी भाग-1: आदिम जनजाति कोरवा भी हो रहे अब छुआछूत के शिकार, स्कूल में बरतन अलग, गांव में पानी भरने का समय अलग

    October 4, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    “यह हिरासत नहीं किडनैपिंग है…”: AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की गिरफ्तारी पर मचा घमासान

    October 4, 2026
    क्राइम

    झारखंड : चेन स्नैचरों से रांची पुलिस की मुठभेड़, रंगीला के पैर में लगी गोली; 5 सोने की चेन बरामद

    October 4, 2026
    जोहार ब्रेकिंग

    SIR में मतदाताओं के नाम हटने पर बोले पूर्व जस्टिस नरिमन- ऐसे काम करने वाला चुनाव आयोग नहीं हो सकता

    October 4, 2026
    खेल-सिनेमा

    हॉकी खिलाड़ियों से मिले हेमंत सोरेन, कहा- शानदार, झारखंड की हमारी बेटियों ने कर दिया कमाल

    October 4, 2026
    Latest Posts

    अंतिम आदिवासी भाग-2: असुर जनजाति के जिस हुनर से 2.22 लाख करोड़ की कंपनी बनी टाटा स्टील, आज भी बिजली का एक बल्ब तलाश रहा उन असुरों का गांव

    October 5, 2026

    अंतिम आदिवासी भाग-1: आदिम जनजाति कोरवा भी हो रहे अब छुआछूत के शिकार, स्कूल में बरतन अलग, गांव में पानी भरने का समय अलग

    October 4, 2026

    “यह हिरासत नहीं किडनैपिंग है…”: AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की गिरफ्तारी पर मचा घमासान

    October 4, 2026

    झारखंड : चेन स्नैचरों से रांची पुलिस की मुठभेड़, रंगीला के पैर में लगी गोली; 5 सोने की चेन बरामद

    October 4, 2026

    SIR में मतदाताओं के नाम हटने पर बोले पूर्व जस्टिस नरिमन- ऐसे काम करने वाला चुनाव आयोग नहीं हो सकता

    October 4, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    © 2026 Johar LIVE. | About Us | AdSense Policy | Privacy Policy | Terms and Conditions | Contact Us.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.