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    Home»जोहार ब्रेकिंग»सरकारी लापरवाही का नमूनाः देख-रेख के अभाव में दुमका में जर्जर हो गए पेयजल विभाग के लाखों के संयंत्र
    जोहार ब्रेकिंग

    सरकारी लापरवाही का नमूनाः देख-रेख के अभाव में दुमका में जर्जर हो गए पेयजल विभाग के लाखों के संयंत्र

    Team JoharBy Team JoharAugust 11, 2020No Comments2 Mins Read0
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    Joharlive Team

    दुमका। सरकारी राशि का किस तरह दुरुपयोग होता है इसका नमूना जिले में देखा जा सकता है। दरअसल, लगभग दो दशक पूर्व पेयजल विभाग ने लाखों के वाटर बोरिंग वाहन क्रय किए थे, लेकिन उसका सही रखरखाव नहीं हुआ। उन वाहनों की जो क्षमता थी उसका समुचित उपयोग न कर उसे खुले में छोड़ दिया गया। समय बीतता गया, अब ये सभी वाहन कबाड़ के रूप में तब्दील हो गए हैं। शहर से 6 किलोमीटर दूर मयूराक्षी नदी के किनारे हिजला वाटर प्लांट परिसर में ऐसे चार वाहन रखे हुए हैं, जो ये बताते हैं कि यह विभागीय लापरवाही का उदाहरण है।

    • वाहनों का रख-रखाव सही ढंग से नहीं

    इन वाहनों का इस्तेमाल सरकार की ओर से किए जाने वाले वाटर बोरिंग के लिए होना था। सरकारी कार्यों में इस्तेमाल के साथ ही अगर कोई व्यक्ति निजी उपयोग के लिए इसे लेता तो विभाग को वह इसका उचित किराया देता। काफी उपयोगी यह वाहन अब पूरी तरह से समाप्त होता दिख रहा है। इन वाहनों को सदर प्रखंड के हिजला गांव में रखा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग इन वाहनों को काफी दिनों से देख रहे हैं। इसका जो रखरखाव होना था वह सही ढंग से नहीं हुआ। अब तो यह जर्जर हो गया है। साथ ही ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि इसका प्रयोग करें, ताकि जनहित में इसका प्रयोग हो और लोगों को इसका फायदा मिल सके।

    • वाहनों की होगी नीलामी

    दुमका पेयजल और स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि इन वाहनों को काफी पहले लिया गया था। इसलिए वह नहीं बता सकते कि इसका प्रयोग क्यों नहीं हुआ। लेकिन लॉकडाउन के पहले एक विभागीय बैठक हुई थी, उसमें यह निर्णय लिया गया है कि इन वाहनों की नीलामी होगी।

    • इस तरह की लापरवाही चिंतनीय विषय

    अगर कोई व्यक्ति अपने व्यवसाय के लिए ऐसे संयंत्रों का क्रय करता है तो वह उसका समुचित प्रयोग करता है, उसे वह बेहतर रोजगार का साधन बनाता है और काफी मुनाफा कमाता है, लेकिन सरकारी विभाग जब यह खरीदता है तो मामला उलट जाता है। आखिरकार यह मानसिकता कब बदलेगी, जब सरकारी संपत्ति को भी लोग अपनी निजी संपत्ति की तरह देखभाल करेंगे और उसकी सुरक्षा करेंगे।

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