Ranchi : रिम्स प्रबंधन जल्द ही अस्पताल परिसर में अपनी खुद की दवा दुकान शुरू करने जा रहा है। यह दुकान ओल्ड मोर्चरी भवन में, यानी जन औषधि केंद्र के पीछे और डॉक्टर्स पार्किंग के पास खुली जाएगी।
प्रबंधन का कहना है कि इस स्थान से मरीज और उनके परिजन आसानी से पहुंच पाएंगे, और दवाओं का वितरण सुचारू रूप से किया जा सकेगा। वर्तमान में रिम्स में ज्यादातर डॉक्टर ब्रांडेड दवाएं लिखते हैं, जिससे मरीजों को बाहर की मेडिकल दुकानों से दवाएं खरीदनी पड़ती हैं और खर्च बढ़ जाता है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी मरीज को 5 दिन तक एंटीबायोटिक, पेन किलर और गैस की दवाएं लेनी हों, तो बाजार में यह लगभग 800–1000 रुपये में आती हैं। वहीं रिम्स की नई दवा दुकान में ये दवाएं 60–70% सस्ती मिलेंगी, जिससे खर्च घटकर 300–400 रुपये तक रह जाएगा। औसतन मरीजों को इलाज के दौरान दवाओं पर हर महीने 8–10 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
इस फार्मेसी में सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि जरूरी सर्जिकल आइटम भी उपलब्ध होंगे। इसमें कैथेटर, सिरिंज, ड्रेसिंग मटेरियल और अन्य मेडिकल सामान उचित दामों पर मिलेंगे, जिससे मरीजों को बाहर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
फिलहाल मरीज अमृत फार्मेसी और जन औषधि केंद्र से दवाएं ले रहे हैं, लेकिन कई बार सभी जरूरी दवाएं वहां उपलब्ध नहीं होतीं। रिम्स की नई दवा दुकान खुलने से मरीजों के पास एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा, जिससे दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण बनेगा और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।


