जोहार लाइव ब्यूरो
रामगढ़ जिले के मांडू थाना कांड संख्या 13/18 में जमीन मुआवजा भुगतान में कथित अनियमितता के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामला एनएच-33 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजा भुगतान से जुड़ा है.
मांडू थाना में दर्ज प्राथमिकी में तत्कालीन सहायक, प्रधान सहायक, अमीन, कानूनगो समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी राशि के दुरुपयोग से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था. प्राथमिकी 18 सितंबर 2018 को दर्ज की गई थी.
1.92 एकड़ जमीन के मुआवजा भुगतान में गड़बड़ी का आरोप
मामला वर्ष 2018 में रामगढ़ जिले के मांडू अंचल स्थित मौजा जोड़ाकर्मे से जुड़ा है. यहां खाता नंबर 126, प्लॉट नंबर 2677, कुल रकबा 1.92 एकड़ जमीन एनएच-33 के चौड़ीकरण की परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी. इसी जमीन के मुआवजा भुगतान में अनियमितता बरतने का आरोप तत्कालीन राजस्वकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों पर लगाया गया है.
छानबीन के क्रम में 1 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने प्राथमिकी में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
- बालेश्वर प्रसाद (69 वर्ष), पिता स्व. परमेश्वर महतो, ग्राम मेह, थाना मुफस्सिल, जिला हजारीबाग. वह मामले से संबंधित समय में मांडू अंचल में अमीन के पद पर कार्यरत थे.
- प्रवीण कुमार सिन्हा (63 वर्ष), पिता स्व. व्रजकिशोर प्रसाद, रामनगर, पेट्रोल पंप के पास, थाना कटकमदाग, जिला हजारीबाग. वह संबंधित अवधि में जिला भू-अर्जन कार्यालय, रामगढ़ में प्रधान सहायक के पद पर कार्यरत थे.
पुलिस के अनुसार, दोनों को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी और 406 के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अब आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है.

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