बीते 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) में एक भयावह घटना घटी. उड़ान के दौरान सह-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर अचानक चाकू से हमला कर दिया, जिससे विमान तेजी से नीचे गोता लगाने लगा.
गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद, कैप्टन मच्छार ने अपनी आखिरी ताकत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे समय रहते क्रू और यात्रियों ने हमलावर को काबू कर लिया. विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए इसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतार लिया. इस विमान में कुल 174 यात्री सवार थे.
इस बात को लेकर पायलट की वैश्विक सराहना भी हुई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन मच्छार की असाधारण बहादुरी की सराहना करते हुए उन्हें “हीरो” कहा. उन्होंने मच्छार के परिवार से फोन पर बात की और सऊदी अरब में भारतीय दूतावास लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है. वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें “सच्चा हीरो” बताते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ के कारण ही 174 लोगों की जान बचाई जा सकी. प्रधानमंत्री बेंजामिन ने इसकी तुलना 9/11 से करते हुए कहा कि एक भारतीय कैप्टन स्मित ने फिर से 9/11 होने से बचा ली. इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कैप्टन मच्छार के साहस की प्रशंसा की.
आइये जानते हैं इस वैश्विक हीरो के बारें में कि कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं, जबकि उनका जन्म, पालन-पोषण और शुरुआती जीवन मुंबई के घाटकोपर में बीता है और उनका परिवार पारंपरिक रूप से टेक्सटाइल (कपड़ा) कारोबार से जुड़ा रहा है. शुरुआत में उनका इरादा पायलट बनने का नहीं था. उन्होंने टेक्सटाइल केमिस्ट्री में डिप्लोमा करने के बाद मुंबई के वेलिंगकर इंस्टीट्यूट से मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी. करीब 19 साल की उम्र में एक एविएशन सेमिनार ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी, जिसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड से कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ली.
भारत में बोइंग 737 की ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने 2011 में स्पाइसजेट ज्वाइन किया. वहां करीब 11 साल तक सेवाएं देने और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में अन्य पायलटों को प्रशिक्षित करने के बाद, जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई में डायरेक्ट एंट्री कैप्टन के रूप में कार्यभार संभाला. उन्हें बोइंग 737 विमानों को उड़ाने का लगभग 9,750 घंटों का लंबा अनुभव है.
सुरक्षा को सर्वोपरि मानने वाले इंसान
अपने पुराने साक्षात्कारों में कैप्टन मच्छार हमेशा विमानन सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते थे. उनके सहयोगियों और पड़ोसियों के अनुसार, वे बेहद शांत, विनम्र और अपने काम के प्रति समर्पित इंसान हैं.

फिलहाल तबुक के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विकट परिस्थितियों में भी एक जिम्मेदार और साहसी पेशेवर किस तरह अनगिनत जिंदगियां बचा सकता है.
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