Ranchi : देश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है और नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च तय की गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने बिहार, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से कुल 9 प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी ने टिकट वितरण में ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दी है, जिनकी संगठन में मजबूत पकड़ है और जो लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
बिहार से दो चेहरे मैदान में
बिहार से बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। नितिन नवीन पटना के बांकीपुर से पांच बार विधायक रह चुके हैं और बिहार की राजनीति में उनकी मजबूत पहचान है। उन्हें संगठन का अनुभवी चेहरा माना जाता है। इसके अलावा युवा नेता शिवेश कुमार को भी पार्टी ने बिहार से उम्मीदवार बनाया है। बिहार में इस बार राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव होने हैं, ऐसे में मुकाबला दिलचस्प रहने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल में राहुल सिन्हा पर भरोसा
पश्चिम बंगाल से बीजेपी ने राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। राहुल सिन्हा राज्य में पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं और लंबे समय से संगठन में सक्रिय हैं। राज्य में बीजेपी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।
असम में दो अनुभवी नेता
असम से पार्टी ने तेराश गोवाला और जोगेन मोहन को मैदान में उतारा है। दोनों नेता राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभा चुके हैं। असम में इस बार तीन राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं।
ओडिशा में सत्ताधारी पार्टी की मजबूत स्थिति
ओडिशा से बीजेपी ने मनमोहन समल और सुजीत कुमार को टिकट दिया है। राज्य में बीजेपी की सरकार होने के कारण पार्टी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। यहां चुनाव परिणाम काफी हद तक पार्टी के पक्ष में रहने की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ और हरियाणा में भी नाम तय
छत्तीसगढ़ से पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार घोषित किया है। वह भाजपा महिला मोर्चा में सक्रिय रही हैं और सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं। राज्य में दो सीटें खाली हो रही हैं। वहीं हरियाणा से संजय भाटिया को टिकट मिला है। वे प्रशासनिक पृष्ठभूमि से आते हैं और लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय हैं। हरियाणा में भी दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है।
संगठन पर फोकस, अनुभव को प्राथमिकता
बीजेपी ने इस बार ऐसे चेहरों को आगे बढ़ाया है जो संगठन से जुड़े रहे हैं और जमीनी स्तर पर काम करते रहे हैं। पार्टी का मकसद राज्यसभा में अपनी संख्या मजबूत करना है। 16 मार्च को होने वाले मतदान के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी कि किस राज्य में किस दल को कितनी सफलता मिलती है।


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