जोहार लाइव ब्यूरो
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी चुनावी तैयारी तेज कर दी है. पार्टी ने 31 अक्टूबर को 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी. इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान, विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां समेत कई मौजूदा मंत्रियों और विधायकों के नाम शामिल हैं. भगवंत मान एक बार फिर संगरूर जिले की धुरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जबकि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां कोटकपूरा से उम्मीदवार बनाए गए हैं.
पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 59 सीटों की जरूरत होगी. विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 16 मार्च 2027 को समाप्त हो रहा है. ऐसे में चुनाव फरवरी-मार्च 2027 के आसपास होने की संभावना है.
AAP ने चुनाव से काफी पहले उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर राजनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश की है. इससे उम्मीदवारों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार, संगठन और मतदाताओं से संपर्क के लिए पर्याप्त समय मिलेगा.
भगवंत मान से लेकर संधवां तक, कई बड़े चेहरों को टिकट
AAP की पहली सूची में कई महत्वपूर्ण नाम हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान धुरी से चुनाव लड़ेंगे. विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को कोटकपूरा से टिकट दिया गया है. संजीव अरोड़ा को लुधियाना वेस्ट, चौधरी मदन लाल बग्गा को लुधियाना नॉर्थ और मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को पायल से उम्मीदवार बनाया गया है.
इसके अलावा अमृतपाल सिंह सुखानंद को निहाल सिंह वाला, डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा को मोगा, देविंदरजीत सिंह लाडी ढोस को धर्मकोट और जगदीप कंबोज गोल्डी को जलालाबाद से टिकट दिया गया है.
बलजिंदर कौर को तलवंडी साबो, गुरप्रीत सिंह बनावाली को सरदूलगढ़, लाभ सिंह उगोके को भदौड़, कुलवंत सिंह पंडोरी को मेहल कलां और जसवंत सिंह गज्जन माजरा को अमरगढ़ से उम्मीदवार बनाया गया है. पटियाला से अजीतपाल सिंह कोहली चुनाव लड़ेंगे.
माझा और दोआबा क्षेत्र में भी पार्टी ने कई बड़े चेहरों पर भरोसा जताया है. अजनाला से कुलदीप सिंह धालीवाल, अमृतसर साउथ से डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, तरनतारन से हरमीत सिंह संधू, खेमकरण से सरवन सिंह धुन और करतारपुर से बलकार सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है.
अन्य प्रमुख नामों में जालंधर क्षेत्र से इंदरजीत कौर मान, दसूहा से करमबीर सिंह घुम्मन, होशियारपुर से ब्रह्म शंकर शर्मा जिम्पा, चब्बेवाल से इशांक कुमार चब्बेवाल, गढ़शंकर से जय कृष्ण सिंह रौड़ी, रूपनगर से दिनेश चड्ढा, मोहाली से कुलवंत सिंह और लुधियाना सेंट्रल से अशोक पराशर पप्पी शामिल हैं.

2022 में 92 सीटें जीतकर सत्ता में आई थी AAP
पंजाब में AAP की मौजूदा राजनीतिक ताकत को समझने के लिए 2022 का विधानसभा चुनाव महत्वपूर्ण है. उस चुनाव में पार्टी ने 117 में से 92 सीटों पर जीत दर्ज की थी. उसे करीब 42 फीसदी वोट मिले थे. कांग्रेस 18 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी. शिरोमणि अकाली दल को तीन सीटें मिली थीं.
AAP की इस जीत में मालवा क्षेत्र की सबसे बड़ी भूमिका थी. पंजाब के तीन प्रमुख चुनावी क्षेत्रों में मालवा में 69, माझा में 25 और दोआबा में 23 विधानसभा सीटें हैं. 2022 में AAP ने मालवा की 69 में से 66 सीटों पर जीत दर्ज की थी. माझा में 16 और दोआबा में 10 सीटें हासिल की थीं.
यानी 2022 में पार्टी की सत्ता का सबसे बड़ा आधार मालवा क्षेत्र था. मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इसी क्षेत्र की धुरी सीट से विधायक हैं. यही वजह है कि 2027 के चुनाव में मालवा का प्रदर्शन AAP के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
2024 के लोकसभा चुनाव में कमजोर हुई थी AAP की पकड़
हालांकि, 2022 की शानदार जीत के बाद AAP के सामने राजनीतिक चुनौतियां भी बढ़ी हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को विधानसभा क्षेत्रों के आधार पर देखें तो पार्टी की स्थिति में गिरावट दिखाई देती है.
2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से AAP केवल 33 सीटों पर आगे रही थी. कांग्रेस 37 सीटों पर बढ़त बनाने में सफल रही थी. बीजेपी 23 सीटों पर आगे थी. 2022 में AAP ने जिन 92 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी, उनमें से 2024 के लोकसभा चुनाव में केवल 28 सीटों पर ही पार्टी को बढ़त मिली.
मालवा में भी AAP की पकड़ कमजोर होती दिखाई दी. 2022 में 69 में से 66 सीटें जीतने वाली पार्टी 2024 में इसी क्षेत्र की केवल 24 विधानसभा सीटों पर आगे रही. माझा में पार्टी की बढ़त 16 से घटकर केवल दो सीटों पर रह गई. दोआबा में पार्टी ने सात सीटों पर बढ़त बनाई थी.


