Dhanbad : धनबाद की जनता ने जेबीवीएनएल की तरफ से घरेलू बिजली दरों में करीब 60 फीसदी बढ़ोतरी के प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया। कोयला नगर स्थित सामुदायिक भवन में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से आयोजित जनसुनवाई में सैकड़ों उपभोक्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
उपभोक्ताओं ने मंच पर बैठे अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि घरेलू बिजली दर 6.85 रुपये से बढ़ाकर सीधे 10.30 रुपये प्रति यूनिट करना किसी भी तरह से सही नहीं है।
छोटे और मंझोले उद्योग भी संकट में
सुनवाई में चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि केसी गोयल, विश्वजीत सरकार, शिवचरण शर्मा, विवेक लोढ़ा और दीपक कुमार गुप्ता ने एक स्वर में कहा कि यह प्रस्ताव लागू हुआ तो जिले के छोटे और मंझोले उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। उनका सवाल था कि जब विभाग बिजली निर्बाध रूप से देने में असफल है, तो फिक्स्ड चार्ज और यूनिट रेट में भारी वृद्धि क्यों की जा रही है।
बिजली चोरी और विभागीय खामियों पर तीखा हमला
सुनवाई में सबसे ज्यादा गुस्सा विभाग की अपनी खामियों को लेकर था। शिकायतकर्ता संतोष कुशवाहा ने आरोप लगाया कि विभाग का दिखाया गया 8,712 करोड़ का राजस्व घाटा असल में बिजली चोरी और भ्रष्टाचार की वजह से है। उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि लाइन लास और चोरी में विभाग के कुछ कर्मचारी शामिल हैं, और अब इसका बोझ ईमानदार उपभोक्ताओं पर डाल दिया जा रहा है।
आयोग ने दिया राहत का भरोसा
विरोध बढ़ते देख आयोग के सदस्यों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक राजस्व घाटे को अगले सात साल में धीरे-धीरे समायोजित किया जाएगा ताकि जनता पर अचानक बोझ न पड़े।
आयोग ने यह भी बताया कि अगले 6 महीनों के भीतर धनबाद में एक एक्सक्लूसिव उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम शुरू किया जाएगा। इससे लोगों को हजारीबाग जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही नंगे तार बदलने और स्मार्ट मीटर की शुरुआती तकनीकी समस्याओं को जल्द ठीक करने का आश्वासन भी दिया।
Also Read : कोडरमा से चलने लगी अमृत भारत एक्सप्रेस, होली पर तीनों ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े गए


