Bokaro : नगर पालिका आम निर्वाचन 2026 की मतगणना 27 फरवरी को होनी है। इससे एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को बोकारो के जोनल आईजी सुनील भास्कर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए क्षेत्र के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों के साथ बैठक की। बैठक में मतगणना के दौरान सुरक्षा और विधि व्यवस्था बनाए रखने को लेकर की गई तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। आईजी सुनील भास्कर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मतगणना केंद्र और उसके आसपास किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी जिलों में मतगणना केंद्रों के बाहर और वहां तक जाने वाले मार्गों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुरुष तथा महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। सभी जवानों को लाठी, हेलमेट और शील्ड जैसे सुरक्षा उपकरणों से लैस रहने का निर्देश दिया गया है।
क्यूआरटी टीम रहेगी अलर्ट मोड में
संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में क्यूआरटी यानी क्विक रिस्पॉन्स टीम की तैनाती की जाएगी। इन टीमों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहेंगी। दंगा नियंत्रण के सभी उपकरण जैसे स्टन ग्रेनेड, आंसू गैस के गोले और रबर या प्लास्टिक बुलेट उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। टीम के अधिकारियों को आपस में समन्वय के लिए वायरलेस सेट अनिवार्य रूप से रखने को कहा गया है।
मतगणना केंद्र में सख्त जांच
मतगणना केंद्र के अंदर सिर्फ अधिकृत लोगों को ही प्रवेश मिलेगा। प्रवेश से पहले हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी व्यक्ति अंदर किसी तरह की आपत्तिजनक या संवेदनशील वस्तु लेकर न जाए। सुरक्षा के लिहाज से मतगणना केंद्र के आसपास और संभावित विजय जुलूस मार्ग से ईंट, पत्थर, टायर जैसी वस्तुओं को पहले ही हटाने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी अप्रिय स्थिति में उनका दुरुपयोग न हो सके।

ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
मतगणना केंद्र तक जाने वाले रास्तों, ड्रॉप गेट और चिन्हित संवेदनशील स्थानों की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से की जाएगी। जिला नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय रखने और किसी भी सूचना पर तुरंत वरीय अधिकारियों व राज्य नियंत्रण कक्ष को अवगत कराने का निर्देश दिया गया है।
विजय जुलूस पर विशेष नजर
आईजी सुनील भास्कर ने कहा है कि बिना अनुमंडल पदाधिकारी या सक्षम प्राधिकार की अनुमति के कोई भी विजय जुलूस नहीं निकलेगा। जुलूस मार्ग में पड़ने वाले धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जुलूस में शामिल लोगों के पास किसी तरह का हथियार न हो। जुलूस के दौरान बजने वाले गीतों की पहले से सूची तैयार कर ली जाएगी, ताकि कोई भड़काऊ या साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला गीत न बज सके।
अपराधियों पर निगरानी, शराब के खिलाफ अभियान
पूर्व में घटनाओं में शामिल रहे अपराधियों के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई कर बाउंड डाउन करने का निर्देश दिया गया है। ऐसे लोगों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने और अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
सोशल मीडिया पर पैनी नजर
तकनीकी शाखा और सोशल मीडिया सेल को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना को तुरंत रोका जा सके। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की जानकारी सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से पहले ही जारी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में तैनात जवानों को ड्यूटी के संबंध में स्पष्ट ब्रीफिंग देने और आम लोगों से शालीन व्यवहार करने की हिदायत भी दी गई है।


