Ranchi :प्रवर्तन निदेशालय में बड़े स्तर पर हुए तबादलों के बीच झारखंड को लेकर अहम बदलाव सामने आया है। ईडी रांची जोनल ऑफिस में अब नई जिम्मेदारी प्रभाकर प्रभात को दी गई है। वहीं, अब तक यहां ज्वाइंट डायरेक्टर रहे अजय लुहाच का तबादला रायपुर कर दिया गया है। इसको लेकर आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
रायपुर से रांची पहुंचे प्रभाकर प्रभात
ईडी के इस बड़े ट्रांसफर ऑर्डर में कई राज्यों के अधिकारियों की पोस्टिंग बदली गई है। इसी क्रम में प्रभाकर प्रभात को रायपुर से रांची भेजा गया है। उन्हें रांची जोनल ऑफिस का नया ज्वाइंट डायरेक्टर बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब झारखंड में ईडी की जांच और कार्रवाई लगातार चर्चा में रही है। ऐसे में नए अधिकारी की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।
अजय लुहाच अब संभालेंगे रायपुर की जिम्मेदारी
रांची में लंबे समय से जेडी की जिम्मेदारी संभाल रहे अजय लुहाच अब रायपुर जोनल ऑफिस में अपनी नई भूमिका निभाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, उन्हें पणजी जोनल ऑफिस की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, जिससे उनकी भूमिका और भी अहम हो गई है।
देशभर में कई अधिकारियों का तबादला
ईडी के इस आदेश में कई अन्य अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं। अवनीश तिवारी को पणजी से चंडीगढ़ भेजा गया है, राकेश कुमार सुमन को कोच्चि से लखनऊ स्थानांतरित किया गया है और मयंक पांडे को गुवाहाटी से मुंबई पोस्टिंग मिली है। वहीं, राज कुमार को लखनऊ से मुख्यालय बुलाया गया है और माधुर डी. सिंह को मुख्यालय से गुरुग्राम भेजा गया है। इन नियुक्तियों से साफ है कि एजेंसी ने एक साथ कई जोनल ऑफिस में नई तैनाती कर अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की है।
कुछ अधिकारियों को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी
तबादलों के साथ-साथ ईडी ने कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। अभयुदय ए. आनंद को कोच्चि जोनल ऑफिस का चार्ज दिया गया है, जबकि रामधन डागर को मुख्यालय में तैनात किया गया है। सत्यमकाम दत्ता को गुवाहाटी भेजा गया है और माधुर डी. सिंह को श्रीनगर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इन फैसलों से साफ है कि एजेंसी ने अपने कामकाज को और मजबूत करने के लिए कई स्तर पर संतुलन और पुनर्गठन किया है।
झारखंड में असर पड़ेगा इस बदलाव का
रांची में नए ज्वाइंट डायरेक्टर की तैनाती को झारखंड के लिहाज से अहम माना जा रहा है। राज्य में चल रही कई हाई-प्रोफाइल जांचों के बीच यह बदलाव आगे की कार्रवाई की दिशा तय कर सकता है।


