New Delhi : 26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है। इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था और देश एक पूर्ण गणराज्य बना। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड देश की शान और एकता को दर्शाती है। परेड में राष्ट्रपति के साथ-साथ विदेशों से आए विशेष अतिथि और बड़ी संख्या में आम लोग भी शामिल होते हैं।
हालांकि, इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है। राष्ट्रपति और विदेशी मेहमानों की मौजूदगी के कारण परेड के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है और हर दर्शक की सख्ती से जांच की जाती है। सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही लोगों को परेशानी में डाल सकती है।
परेड स्थल पर हथियार, चाकू, ब्लेड, कैंची, नेल कटर, तेजधार वस्तुएं, भारी बैग, शराब, सिगरेट, ड्रग्स और ज्वलनशील पदार्थ ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके अलावा पावर बैंक, सेल्फी स्टिक और लेजर लाइट जैसी वस्तुएं भी बिना अनुमति ले जाने की इजाजत नहीं है। प्रतिबंधित सामान के साथ पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ केवल जरूरी सामान ही लेकर आएं। बैग में पहचान पत्र, मोबाइल फोन और छोटी पानी की बोतल रखना पर्याप्त है, ताकि सुरक्षा जांच में समय न लगे। जांच के दौरान सभी सामान जांच के लिए देना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा एजेंसियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि परेड स्थल पर केवल निर्धारित प्रवेश और निकास द्वारों का ही उपयोग करें और पुलिस व सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही बिना अनुमति फोटो या वीडियो बनाना भी नियमों के खिलाफ है। सुरक्षा व्यवस्था, जवानों या बैरिकेडिंग की तस्वीरें लेना प्रतिबंधित है। ड्रोन और कैमरा ले जाना भी पूरी तरह वर्जित है। आयोजकों का कहना है कि नियमों का पालन कर ही लोग इस राष्ट्रीय पर्व का आनंद सुरक्षित रूप से उठा सकते हैं।
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