जोहार लाइव ब्यूरो
पूर्वोत्तर के रास्ते देश में नशा पहुंचाने वाले अंतरराष्ट्रीय कार्टेल पर केंद्र सरकार ने करारा वार किया है. बीते 23 अक्टूबर को ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी हुई और नार्को-कार्टेल का नेटवर्क ध्वस्त कर दिया गया. गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर कार्रवाई की जानकारी दी.
साथ ही उन्होंने देश को नशे से मुक्त करने की समय-सीमा भी बताई: 31 दिसंबर 2029.
शाह ने कहा कि यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2029 तक हर नशा नेटवर्क को खत्म करने के मिशन के लिए भारत के हिमालयी संकल्प को दर्शाती है. यानी सरकार ने अब से लगभग तीन साल के भीतर देश के हर ड्रग नेटवर्क को खत्म करने का लक्ष्य रखा है.
उन्होंने कहा कि भारत तब तक प्रहार करता रहेगा, जब तक नशे के कार्टेल की कब्र में आखिरी कील नहीं ठोक दी जाती. शाह के मुताबिक, 23 अक्टूबर को केंद्रीय एजेंसियों और तीनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर एक साथ कार्रवाई की. उन्होंने इसे नशीले पदार्थों के खिलाफ मोदी सरकार का “एक और घातक प्रहार” बताया.
ऑपरेशन में क्या-क्या मिला?
- ₹100 करोड़ के हवाला लेन-देन का खुलासा
- 1,424 बैंक खाते फ्रीज
- ₹17.82 करोड़ की संपत्तियां अटैच
- 500 डेटोनेटर बरामद
- ₹12 लाख नकद जब्त
- 18 लोग गिरफ्तार
गृह मंत्री ने बताया कि यह नेटवर्क ‘डेथ ट्रायंगल कॉरिडोर’ के जरिए भारत, म्यांमार और बांग्लादेश की सीमाओं के पार नशीले पदार्थों की तस्करी करता था. हवाला के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन और 1,424 बैंक खातों का फ्रीज होना बताता है कि कार्रवाई सिर्फ तस्करों तक सीमित नहीं रही. नशे की कमाई के पूरे वित्तीय नेटवर्क पर भी चोट की गई है.
सरमा बोले- ड्रग्स कार्टेल के लिए बड़ा झटका
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स कार्टेल के लिए एक बड़ा झटका है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ट्राइडेंट के दौरान क्षेत्र में सक्रिय ड्रग्स और हवाला के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है. सरमा के मुताबिक, केंद्र और पूर्वोत्तर के राज्यों की सरकारें इस खतरे से निपटने और नशामुक्त भारत का लक्ष्य पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि माफिया के खिलाफ यह अभियान लगातार चलता रहेगा, ताकि 2029 तक ड्रग्स के खतरे को इतिहास बना दिया जाए.
पोस्ट के अंत में शाह ने केंद्रीय एजेंसियों और तीनों राज्यों की पुलिस बलों से बनी एंटी-नार्कोटिक्स टीम को हार्दिक बधाई दी.
क्या है ऑपरेशन ट्राइडेंट?
ट्राइडेंट यानी त्रिशूल, और इस ऑपरेशन में भी तीन का दम दिखा: तीन राज्य, तीन देशों की सीमाओं से जुड़ा नेटवर्क और एक ही दिन में तीनों पर एक साथ वार.
पूर्वोत्तर के रास्ते भारत में नशा पहुंचाने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ यह संयुक्त अभियान चला. केंद्रीय एजेंसियों और असम, मिजोरम, मणिपुर की पुलिस ने 23 अक्टूबर को 38 ठिकानों पर एक साथ धावा बोला. मकसद साफ था: नेटवर्क की कड़ियों को एक-दूसरे को आगाह करने या सबूत मिटाने का वक्त न मिले.
कार्रवाई का निशाना सिर्फ तस्कर नहीं, उनकी कमाई की चेन भी रही. नशे का पैसा जिस रास्ते घूमता था, एजेंसियों ने उसी पर ताला जड़ दिया.

