जोहार लाइव ब्यूरो
रिम्स, रांची से होमगार्ड जवानों को हटाने के फैसले के खिलाफ झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करने की तैयारी शुरू कर दी है. संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है. साथ ही, रिम्स से जवानों को हटाने की कार्रवाई को चुनौती देने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है.
एसोसिएशन का कहना है कि वर्षों से सुरक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे होमगार्ड जवानों को हटाने का फैसला उनके रोजगार और भविष्य पर सीधा असर डाल सकता है. संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि इस कार्रवाई पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो राज्यभर के होमगार्ड जवानों को एकजुट कर आंदोलन किया जाएगा.
रिम्स स्थित होमगार्ड बैरक में सोमवार को झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में जवानों ने रिम्स से होमगार्ड की तैनाती समाप्त करने अथवा उनकी संख्या घटाने की कार्रवाई पर नाराजगी जताई.
उपस्थित जवानों का कहना था कि लंबे समय से संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था में योगदान देने वाले कर्मियों के भविष्य को ध्यान में रखे बिना इस तरह का निर्णय लेना उचित नहीं है. बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि एसोसिएशन इस मामले को कानूनी स्तर पर उठाएगा और जवानों के हितों की रक्षा के लिए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग करेगा.
दरअसल, रिम्स की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का फैसला संस्थान की 66वीं शासी परिषद की बैठक में लिया गया है. मौजूदा व्यवस्था में तैनात करीब 400 होमगार्ड जवानों की जगह चरणबद्ध तरीके से एसएपी के जवानों को तैनात करने की योजना है. पहले चरण में 100 होमगार्ड जवानों को हटाने की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है.
प्रबंधन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और अनुशासित बनाने की बात कही गई है. अस्पताल में डॉक्टरों, मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा तथा संवेदनशील स्थानों पर भीड़ नियंत्रण को इस बदलाव का प्रमुख कारण बताया गया है. हालांकि, एसोसिएशन इस फैसले के रोजगार पर पड़ने वाले असर और सरकार के साथ पहले हुई सहमति के आधार पर सवाल उठा रहा है.
एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी के अनुसार, वर्ष 2021 में होमगार्ड जवानों के आंदोलन के दौरान राज्य सरकार के साथ हुई वार्ता में सरकारी विभागों और संस्थानों में सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए होमगार्ड जवानों की सेवाएं लेने पर सहमति बनी थी. संगठन का दावा है कि इस संबंध में सरकार की ओर से आदेश भी जारी किया गया था.
एसोसिएशन अब इसी सहमति और आदेश को आधार बनाकर रिम्स से जवानों को हटाने की कार्रवाई को चुनौती देने की तैयारी में है. संगठन का कहना है कि जब सरकार के साथ वार्ता के बाद जवानों को विभिन्न संस्थानों में काम देने की बात तय हुई थी, तो उस निर्णय के अनुरूप मौजूदा कार्रवाई की समीक्षा होनी चाहिए.
संगठन इस मामले को केवल रिम्स में तैनात जवानों तक सीमित नहीं मान रहा है. एसोसिएशन का तर्क है कि यदि सरकारी संस्थानों में सुरक्षा संबंधी कार्यों से होमगार्ड जवानों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो इसका असर राज्य के दूसरे विभागों में कार्यरत जवानों के कार्य अवसरों पर भी पड़ सकता है.
इसी वजह से संगठन सरकार के पुराने निर्णयों, जवानों की तैनाती और रोजगार के अवसरों से जुड़े पहलुओं को न्यायालय के सामने रखने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, वर्ष 2021 के आदेश की वास्तविक शर्तें, उसका दायरा और रिम्स पर उसकी लागू होने की स्थिति न्यायिक परीक्षण का विषय होंगे.
राजीव कुमार तिवारी ने बताया कि एसोसिएशन ने यह भी निर्णय लिया है कि यदि रिम्स से जवानों को हटाने के फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया जाता है, तो स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा की जाएगी. संगठन ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे पर अब केवल ज्ञापन देने तक सीमित रहने के बजाय कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा.
होमगार्ड एसोसिएशन का आरोप है कि जवानों के हितों से जुड़े सवालों पर सरकार और संबंधित प्रबंधन को गंभीरता से विचार करना चाहिए. संगठन का कहना है कि होमगार्ड जवान लंबे समय से विभिन्न सरकारी संस्थानों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं.
ऐसे में तैनाती में बदलाव करते समय उनके रोजगार, आर्थिक स्थिति और भविष्य पर पड़ने वाले प्रभावों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. एसोसिएशन के मुताबिक, जवानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि रिम्स से हटाए जाने की स्थिति में उनकी आगे की ड्यूटी और कार्य अवसरों को लेकर क्या व्यवस्था होगी.
बैठक में चाईबासा जिला अध्यक्ष चरण चातर, सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष प्रकाश पूर्ति और चतरा जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार समेत बड़ी संख्या में होमगार्ड जवान उपस्थित रहे.
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