जोहार लाइव ब्यूरो
झारखंड में दीपावली से पहले स्वास्थ्यकर्मियों के लंबित वेतन और मानदेय का भुगतान करना होगा. भुगतान में देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सोमवार को समीक्षा बैठक में यह सख्त निर्देश दिया. उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मियों, आउटसोर्स कर्मियों और सहियाओं का बकाया भुगतान प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा. साथ ही, 30 सितंबर तक के लंबित भुगतान का निपटारा करने का भी निर्देश दिया.
26 अक्टूबर को आयोजित हुई इस बैठक में सभी जिलों के सिविल सर्जन, एनएचएम के पदाधिकारी और टीबी मुक्त भारत अभियान से जुड़े अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया. बैठक में अभियान की प्रगति से लेकर निक्षय पोषण योजना, वेतन भुगतान, एंबुलेंस सेवाओं और अस्पतालों की साफ-सफाई तक की समीक्षा की गई.
टीबी अभियान में पिछड़े जिलों को 24 घंटे का अल्टीमेटम
टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रदर्शन और निर्धारित सूचकांकों पर असंतोष जताते हुए अपर मुख्य सचिव ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों को 24 घंटे के भीतर जरूरी सुधार करने का निर्देश दिया. संबंधित जिलों को लंबित सूचनाएं अपडेट कर वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी.
उन्होंने जिला स्तरीय समितियों के गठन, श्रेणी-एक नोडल पदाधिकारियों की कवरेज और अभियान की टीमों की मौजूदा स्थिति की भी जानकारी ली. अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में सभी आंकड़े और सूचनाएं अपडेट करने को कहा गया.
टीबी मरीजों के खाते में तुरंत भेजें बकाया राशि
निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के भुगतान की भी समीक्षा की गई. अजय कुमार सिंह ने निर्देश दिया कि सभी पात्र मरीजों के बैंक खातों में लंबित राशि तत्काल हस्तांतरित की जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र मरीज योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए.
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत अप्रैल से अक्टूबर 2026 तक के खर्च और भुगतान संबंधी प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश दिया गया. भुगतान में लापरवाही मिलने पर जिला लेखा प्रबंधक, प्रखंड लेखा प्रबंधक सहित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई.
बैठक में एनएचएम कर्मियों के वेतन भुगतान की व्यवस्था को एचआरआईएस पोर्टल से जोड़ने की तैयारी पर भी चर्चा हुई. मुख्यालय में कार्यरत एनएचएम कर्मियों का अक्टूबर का भुगतान नवंबर में और नवंबर का भुगतान दिसंबर में इसी प्रणाली से करने की योजना है. भविष्य में सहियाओं का भुगतान भी मुख्यालय के माध्यम से किए जाने का निर्देश दिया गया. भुगतान प्रक्रिया में पहले एनएचएम संविदा कर्मियों और फिर आउटसोर्स कर्मियों को प्राथमिकता देने की बात कही गई.
पुरानी एंबुलेंस नीलाम होंगी, अस्पतालों का होगा कायाकल्प
अपर मुख्य सचिव ने ममता वाहन की स्थिति और लंबित भुगतान का ब्योरा अपडेट करने को कहा. 108 एंबुलेंस सेवाओं की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया गया कि जो एंबुलेंस परिचालन में नहीं हैं, सात वर्ष से अधिक पुरानी हैं और डेढ़ लाख किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं, उन्हें नियमानुसार अनुपयोगी घोषित कर नीलाम किया जाए. ऐसी गाड़ियों को अस्पताल परिसरों से हटाने का भी निर्देश दिया गया.
इसके अलावा जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तक दीपावली से पहले रंग-रोगन और जरूरी मरम्मत पूरी करनी होगी. अस्पताल परिसरों से झाड़ियों और अनावश्यक वनस्पतियों को हटाने के साथ साफ-सफाई और रखरखाव दुरुस्त करने को कहा गया.
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