NEET पेपर लीक के आरोपों और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर मचे बवाल के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. सरकार ने IAS अधिकारी विनीत जोशी को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया है. उनकी जगह नरेश कुमार गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया है, जबकि टी.के. अनिल कुमार को स्कूली शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी दी गई है.
नरेश कुमार गंगवार की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब उनका नाम राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की एक योजना के तहत उनके परिवार के सदस्यों को मिली कथित सब्सिडी को लेकर चर्चा में है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गंगवार की पत्नी, बेटे और मां को NHB की योजना के तहत करीब ₹1.16 करोड़ से अधिक की सब्सिडी मिली थी. रिपोर्ट के मुताबिक, यह लाभ उस अवधि में मिला, जब गंगवार केंद्र सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में सचिव पद पर कार्यरत थे.
क्या है सब्सिडी लेने का पूरा मामला
द इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में सामने आए रिकॉर्ड के अनुसार, गंगवार की मां बिंदुमती के नाम पर जयपुर जिले के भसिंगपुरा गांव में खीरा उत्पादन की एक परियोजना को जनवरी 2025 में ₹46.03 लाख की सब्सिडी मिली. परियोजना का क्षेत्रफल 8,880 वर्ग मीटर और लागत करीब ₹99.38 लाख बताई गई.
इसी तरह उनके बेटे कुमार ऋत्विक की खीरा उत्पादन परियोजना को मार्च 2023 में ₹46.49 लाख की सब्सिडी मिली. इस परियोजना का क्षेत्रफल 8,736 वर्ग मीटर और लागत करीब ₹97.94 लाख थी.
वहीं, उनकी पत्नी डॉ. रंजीता सिंह और अन्य के नाम से दर्ज एक परियोजना को वित्त वर्ष 2021-22 में ₹24.36 लाख की सब्सिडी मिली. यह परियोजना 4,048 वर्ग मीटर क्षेत्र में खीरा उत्पादन से जुड़ी थी और इसकी लागत करीब ₹49.31 लाख बताई गई.
इन तीनों परियोजनाओं की कुल सब्सिडी ₹1.16 करोड़ से अधिक बैठती है. रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी परियोजनाएं राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित हैं.
NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल
शिक्षा मंत्रालय पिछले कुछ समय से NEET पेपर लीक के आरोपों और CBSE की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में मूल्यांकन से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर विवादों में रहा है. विनीत जोशी इससे पहले राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक और CBSE के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं.
विनीत जोशी के तबादले को NEET विवाद की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है. हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिसमें कहा गया हो कि उन्हें सिर्फ NEET विवाद के कारण पद से हटाया गया है. उन्हें पंचायती राज मंत्रालय में सचिव बनाया गया है, यानी उन्हें सचिव स्तर की ही एक नई जिम्मेदारी दी गई है.
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
विनीत जोशी को शिक्षा सचिव पद से हटाए जाने के साथ ही पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और अगले सप्ताह तक कड़े कानून बनाने के लिखित आश्वासन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया. इसके बाद नरेश कुमार गंगवार को शिक्षा सचिव पद दिया गया.
नरेश कुमार गंगवार 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं. उच्च शिक्षा सचिव बनाए जाने से पहले वह केंद्र सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे. गंगवार ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक, IIT दिल्ली से कम्युनिकेशन में एमटेक और राजस्थान विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में एमए किया है.
अब उन्हें देश के उच्च शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. उनके सामने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों से जुड़े नीतिगत मामलों के साथ-साथ परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों से निपटने की चुनौती भी होगी.
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